ईरान में प्रदर्शन के दौरान हिंसा में छह लोगों की मौत, ट्रंप ने दी चेतावनी

तेहरान/वाशिंगटन: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सख्त बयान सामने आया है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान की सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई और हिंसा की, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा. उन्होंने कहा, “अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को गोली मारता है और हिंसक तरीके से उन्हें कुचलता है, जैसा वह अक्सर करता आया है, तो अमेरिका उन्हें बचाने के लिए आगे आएगा. हम पूरी तरह तैयार हैं.” ट्रंप के इस बयान से ईरान संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है.
ईरान में बिगड़ती आर्थिक हालत के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब राजधानी तेहरान से निकलकर ग्रामीण इलाकों तक फैल गए हैं. गुरुवार को हालात गंभीर हो गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा में कम से कम छह लोगों की मौत हुई. यह 2022 के बाद ईरान में सबसे बड़े प्रदर्शनों के दौरान दर्ज की गई पहली मौतें हैं, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार अब सख्त कार्रवाई के रास्ते पर जा सकती है.
अधिकारियों के मुताबिक एक मौत बुधवार को हुई, जबकि पांच लोगों की जान गुरुवार को गई. ये घटनाएं ईरान के तीन ऐसे शहरों में हुईं जहां लुर समुदाय की आबादी ज्यादा है. तेहरान में प्रदर्शन कुछ हद तक थमे हैं, लेकिन देश के दूसरे हिस्सों में आंदोलन फैलता जा रहा है.
इस बार के प्रदर्शन 2022 के उस आंदोलन के बाद सबसे बड़े माने जा रहे हैं, जब महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद पूरे देश में गुस्सा फूट पड़ा था. हालांकि मौजूदा विरोध अभी उतना व्यापक या तीव्र नहीं है, लेकिन इसका स्वर धीरे-धीरे सत्ता के खिलाफ होता जा रहा है.
सबसे ज्यादा हिंसा लोरेस्तान प्रांत के अजना शहर में देखी गई. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सड़कों पर आगजनी, गोलियों की आवाज और लोगों को “शर्म करो” के नारे लगाते सुना जा सकता है. अर्ध सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने यहां तीन लोगों की मौत की बात कही. दिलचस्प बात यह रही कि सरकारी मीडिया ने इन घटनाओं को लेकर बेहद सीमित जानकारी दी. 2022 में रिपोर्टिंग करने वाले कई पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद मीडिया में चुप्पी भी इसकी एक वजह मानी जा रही है.





