इंडोनेशिया में विरोध प्रदर्शन तेज, राष्ट्रपति ने रद्द की चीन यात्रा

इंडोनेशिया में सांसदों के वेतन बढ़ोतरी के खिलाफ जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने रविवार को चीन की एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन यात्रा रद्द कर दी। राजधानी जकार्ता सहित कई शहरों में हो रहे इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 3 लोगों की मौत हो चुकी है और कई इमारतों व सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक ने भी स्थिति को देखते हुए अपने लाइव ब्रॉडकास्ट टूल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। टिकटॉक प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला हिंसा बढ़ने के मद्देनज़र “स्वेच्छा से” लिया गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी (NasDem) के नेता और सांसद अहमद सहरोनी के घर में घुसकर लूटपाट की। उन्होंने कुछ दिन पहले प्रदर्शनकारियों को ‘मूर्ख’ कहा था। इसी तरह, नेशनल मैंडेट पार्टी के नेता और पूर्व कॉमेडियन एको पैट्रियो के घर में भी तोड़फोड़ और लूट की खबरें सामने आई हैं, हालांकि ब्लूमबर्ग इन रिपोर्ट्स की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाया।
प्रदर्शनों के असर से इंडोनेशिया का शेयर बाजार शुक्रवार को 1.5% गिरकर दुनिया का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला प्रमुख इंडेक्स बन गया। रुपिया की वैल्यू में भी गिरावट दर्ज की गई। ये विरोध प्रदर्शन सांसदों की हालिया वेतन वृद्धि के फैसले के बाद शुरू हुए। पहले से ही नौकरियों और वेतन को लेकर असंतोष बढ़ा हुआ था। हालात तब और बिगड़ गए जब शुक्रवार को एक पुलिस बख्तरबंद गाड़ी ने एक बाइक टैक्सी ड्राइवर को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। राष्ट्रपति सुबियांतो ने ड्राइवर के परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई और जांच का आश्वासन दिया।
शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने एक क्षेत्रीय संसद भवन में आग लगा दी, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और 5 लोग घायल हुए। जकार्ता में कई सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित रहीं। राष्ट्रपति ने ‘अराजकता’ फैलाने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इंडोनेशिया के पुलिस प्रमुख लिस्त्यो सिगित प्रबोवो ने कहा कि लोग अभिव्यक्ति की आज़ादी रखते हैं, लेकिन मौजूदा प्रदर्शन कानून तोड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई जगह सरकारी इमारतों को जलाया गया और पुलिस पर हमले किए गए।
अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर समेत कई देशों के दूतावासों ने अपने नागरिकों को जकार्ता में भीड़-भाड़ और प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।





