भारत

पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर राफेल डील और एआई रोडमैप पर घोषणा की संभावना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 12 फरवरी तक तीन दिवसीय फ्रांस यात्रा पर रहेंगे, जहां वे रक्षा, प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे अहम क्षेत्रों में ऐतिहासिक समझौतों की घोषणा कर सकते हैं। इस दौरान भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-एम लड़ाकू विमानों की डील को अंतिम रूप देने के साथ-साथ तीन स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों के समझौते पर भी बातचीत होगी। इसके अलावा, भारत-फ्रांस एआई रोडमैप को अपनाने की योजना बनाई गई है, जिससे दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी 10 फरवरी की शाम पेरिस पहुंचेंगे, जहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस समिट में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और चीन के उप प्रधानमंत्री भी भाग लेंगे। साथ ही, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगे, जिसमें भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।

इस यात्रा के दौरान रक्षा, सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर भी जोर दिया जाएगा। भारतीय वायुसेना के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट के लिए 110 केएन एयरो इंजन के सह-डिजाइन और सह-विकास पर भी चर्चा होगी।

फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी सफरान, जो राफेल और मिराज-2000 विमानों के इंजन बनाती है, भारत में 17 सुविधाओं और 2400 से अधिक कर्मचारियों के साथ पहले से ही मजबूत उपस्थिति बनाए हुए है। यह कंपनी बेंगलुरु में आयोजित एयरो इंडिया शो में भाग लेगी और भारत में हेलीकॉप्टर व वाणिज्यिक इंजनों के लिए MRO सुविधाएं स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

भारत और फ्रांस की बातचीत का एक और अहम बिंदु इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) होगा। यह गलियारा भारत के वैश्विक व्यापारिक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। फ्रांस इस कॉरिडोर को लेकर एकमात्र ऐसा प्रमुख देश है जिसने विशेष दूत नियुक्त किया है, जिससे इसके प्रभावी क्रियान्वयन की उम्मीद बढ़ गई है।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा रक्षा, तकनीक और कूटनीति के क्षेत्र में भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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