ऑपरेशन सिंदूर: भारत की एयरस्ट्राइक में जैश और लश्कर के 5 बड़े आतंकी ढेर

भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त एयरस्ट्राइक की। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। ऑपरेशन में 24 सटीक मिसाइल हमलों के जरिए करीब 70 से 100 आतंकियों को ढेर कर दिया गया। इन मारे गए आतंकियों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के कई टॉप कमांडर भी शामिल थे।
भारतीय हमलों में मारे गए 5 प्रमुख आतंकियों की जानकारी
1.मु्दस्सर खडियन खास उर्फ अबू जुंदाल – लश्कर-ए-तैयबा
मु्दस्सर लश्कर के मुख्य अड्डे ‘मरकज़ तैयबा’ (मुरिदके) का इंचार्ज था। उसकी मौत के बाद पाकिस्तान आर्मी ने उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उसके जनाज़े में पाकिस्तान आर्मी चीफ और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज की ओर से फूल चढ़ाए गए। जनाज़े की नमाज़ एक सरकारी स्कूल में हुई, जिसे आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज अब्दुल रऊफ ने पढ़ाया। इस मौके पर पाक आर्मी के एक लेफ्टिनेंट जनरल और पंजाब पुलिस के IG भी मौजूद थे।
2.हाफिज मुहम्मद जमी़ल – जैश-ए-मोहम्मद
हाफिज जमी़ल, जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर का सबसे बड़ा साला था। वह बहावलपुर स्थित ‘मरकज़ सुबहान अल्लाह’ का प्रमुख था। वह नौजवानों को कट्टरपंथी बनाने और संगठन के लिए फंड इकट्ठा करने में सक्रिय भूमिका निभाता था।
3.मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद जी – जैश-ए-मोहम्मद
मसूद अजहर का एक और रिश्तेदार, यूसुफ अजहर जैश में हथियारों की ट्रेनिंग देने का काम करता था। वह कई आतंकी हमलों में शामिल रहा है और IC-814 विमान अपहरण मामले में भारत को वांछित था।
4.खालिद उर्फ अबू अकाशा – लश्कर-ए-तैयबा
खालिद कई आतंकी हमलों में शामिल रहा है और अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी करता था। उसका जनाज़ा फैसलाबाद में हुआ, जिसमें पाकिस्तानी सेना के बड़े अफसर और ज़िले के डिप्टी कमिश्नर शामिल हुए।
5.मोहम्मद हसन खान – जैश-ए-मोहम्मद
हसन खान, जैश के PoK ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था। वह जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने में अहम भूमिका निभा रहा था।
ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकी हमलों का करारा जवाब दिया जाएगा। इस ऑपरेशन में जैश और लश्कर के जिन टॉप आतंकियों को मारा गया, वे भारत के खिलाफ कई हमलों की साजिशों में शामिल थे। इससे पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचे को बड़ा झटका लगा है। भारत ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।





