उत्तर भारत में मानसूनी बारिश का कहर: हिमाचल और उत्तराखंड में तबाही, कई लापता

उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून की दस्तक के साथ ही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और अचानक आई बाढ़ से कई लोगों की जान चली गई, कई अभी भी लापता हैं। वहीं, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी अगले कुछ दिनों में भारी बारिश के आसार हैं।
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला और कुल्लू जिलों में बुधवार को बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से भारी नुकसान हुआ। बिजली परियोजना में काम कर रहे नौ मजदूर पानी में बह गए, जिनमें से छह के शव बरामद हो चुके हैं, एक को बचा लिया गया और दो अब भी लापता हैं। सैंज में भी एक ही परिवार के तीन लोग बह गए हैं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। राज्य सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और एसडीएम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य के कुल 53 मार्ग बंद हैं, जिनमें कुल्लू में 23, मंडी में 16, लाहौल-स्पीति में 7 और सिरमौर में 3 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा 135 ट्रांसफार्मर और 147 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में ऋषिकेश-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक वाहन अलकनंदा नदी में गिर गया। वाहन में 20 लोग सवार थे, जिनमें से 18 एक ही परिवार के सदस्य थे और बदरीनाथ जा रहे थे। हादसे के बाद चार शव बरामद किए गए हैं, जबकि आठ पर्यटक अब भी लापता हैं। बचाव कार्य मटमैले पानी और तेज बहाव के कारण मुश्किल हो रहा है। वहीं, केदारनाथ यात्रा को जोड़ने वाले मुख्य हाईवे पर सोनप्रयाग और मुनकटिया के पास भूस्खलन हो रहा है, जिससे यात्रा बार-बार बाधित हो रही है। शुक्रवार को कई घंटे हाईवे बंद रहा और यात्रियों को रोकना पड़ा।
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते चिनाब नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ गया है। बगलिहार जलविद्युत परियोजना में पानी भरने से हालात चिंताजनक हैं। डोडा, किश्तवाड़ और रामबन इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है। राजस्थान में मानसून सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को पूर्वी जिलों में जमकर बारिश हुई। बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में 130 मिमी और जयपुर के बस्सी में 110 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश में 29 जून से मानसूनी बारिश तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने मुजफ्फरनगर, मेरठ, बरेली, पीलीभीत, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं 40 से ज्यादा जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ट्रफ लाइन उत्तर की ओर बढ़ रही है जिससे मानसून प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है। शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, अमरोहा, बरेली, पीलीभीत, जालौन, झांसी, ललितपुर समेत आसपास के जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। बांदा, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, वाराणसी, मथुरा, आगरा, मिर्जापुर, गोरखपुर, ललितपुर, इटावा और कानपुर समेत 40 से ज्यादा जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।
राजधानी दिल्ली में शनिवार से बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है और शाम तक हल्की बारिश की उम्मीद की जा रही है। उत्तर भारत के कई राज्य इस वक्त मानसून की मार झेल रहे हैं। हिमाचल और उत्तराखंड में जहां जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, वहीं बाकी राज्यों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटा है। जनता से अपील की गई है कि नदियों और पहाड़ी क्षेत्रों के आसपास सतर्कता बरतें।





