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भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच MEA का शांति संदेश

भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमति बन गई है।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी कि शनिवार दोपहर 3:35 बजे पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने भारतीय DGMO को फोन किया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारतीय समयानुसार शाम 5 बजे से सभी प्रकार की गोलीबारी और सैन्य गतिविधियों को रोका जाएगा। दोनों देशों की सेनाओं को इस समझौते का पालन करने के निर्देश दे दिए गए हैं। अगली बातचीत 12 मई को दोपहर 12 बजे होगी।


भारतीय नौसेना के अधिकारी कमोडोर रघु आर नायर ने बताया कि यह फैसला जमीन, समुद्र और आकाश में लागू होगा। भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।


इस बीच, पाकिस्तान की ओर से किए गए हमलों और दावों को भारत ने सिरे से खारिज किया है। सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान का यह दावा कि उसने भारत के S-400 और ब्रह्मोस मिसाइल बेस को नुकसान पहुंचाया है, पूरी तरह गलत है। इसके अलावा, सिरसा, जम्मू, पठानकोट, भटिंडा, नलिया और भुज के एयरबेस पर हमले के दावे भी झूठे हैं। पाकिस्तान ने यह भी झूठ फैलाया कि भारत ने मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया, जबकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और उसकी सेना संविधान के मूल्यों का पालन करती है।


भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा कि भारत ने केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। किसी भी धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।


कर्नल कुरैशी ने कहा कि भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और देश की सुरक्षा तथा संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


यह युद्धविराम समझौता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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