यादव परिवार में बड़ी फूट: प्रतीक यादव ने अपर्णा से तलाक की घोषणा की

लखनऊ, 19 जनवरी 2026 – उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा उथल-पुथल तब मचा जब स्वर्गीय समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने सोमवार को अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक लेने का सार्वजनिक ऐलान किया. यह घोषणा सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के माध्यम से की गई, जिसने पूरे प्रदेश में सियासी और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है.
इंस्टाग्राम पोस्ट में उठाए गए गंभीर आरोप
प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की गई पोस्ट में अपर्णा को स्वार्थी करार देते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पारिवारिक रिश्तों को बर्बाद कर दिया है. पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अपर्णा केवल प्रसिद्धि और प्रभाव हासिल करने में रुचि रखती हैं.
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प्रतीक ने कहा कि इस समय उनकी मानसिक स्थिति बहुत खराब है और अपर्णा को इसकी कोई परवाह नहीं है. उन्होंने अपनी पोस्ट में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए यह भी कहा कि वे अपनी शादी को एक दुर्भाग्य मानते हैं.
अपर्णा यादव की राजनीतिक यात्रा
अपर्णा बिष्ट यादव वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ की कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी से हार गई थीं. 2022 के चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा में प्रवेश किया था.
विवाह की कहानी
अपर्णा और प्रतीक यादव की सगाई 2011 में हुई थी और 2012 में दोनों ने शादी के बंधन में बंधे थे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों एक-दूसरे को स्कूल के समय से जानते थे और लगभग दस वर्षों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद विवाह किया था. दोनों दो बेटियों के माता-पिता हैं.
अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
इस विवादास्पद पोस्ट के बावजूद, अभी तक अपर्णा यादव या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, उनके करीबियों ने दावा किया है कि प्रतीक यादव का सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो गया होगा. फिलहाल अपर्णा यादव का फोन बंद बताया जा रहा है.
सियासी प्रभाव
यह विवाद केवल एक पारिवारिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसे राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यादव परिवार में यह फूट समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों के लिए चर्चा का विषय बन गई है. अब देखना यह होगा कि क्या यह मामला आपसी बातचीत से सुलझता है या कानूनी प्रक्रिया की ओर बढ़ता है.





