Kailash Mansarovar Yatra: नेपाल में फंसे भारतीय श्रद्धालु, MEA की एडवाइजरी जारी

Kailash Mansarovar Yatra 2026 पर जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) ने अहम एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने बताया कि निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से यात्रा करने वाले कई भारतीय नागरिक नेपाल में फंस गए हैं क्योंकि उनके पास चीन में प्रवेश के लिए आवश्यक परमिट और यात्रा दस्तावेज मौजूद नहीं थे।
विदेश मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे सभी जरूरी दस्तावेज मिलने से पहले भारत से यात्रा शुरू न करें। ऐसा करने से नेपाल में फंसने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
नेपाल में क्यों फंसे भारतीय श्रद्धालु?
MEA के अनुसार, हाल के दिनों में कई भारतीय श्रद्धालुओं ने मंत्रालय से सहायता मांगी है। ये सभी निजी ट्रैवल एजेंसियों के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे, लेकिन चीन में प्रवेश के लिए जरूरी परमिट और वीजा उपलब्ध न होने के कारण नेपाल में ही रुक गए।
मंत्रालय ने कहा कि बिना पुष्टि किए यात्रा शुरू करना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।
MEA ने क्या दी सलाह?
विदेश मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि श्रद्धालु तभी यात्रा शुरू करें जब उनके पास पूरी यात्रा के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज उपलब्ध हों।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल नेपाल पहुंच जाना पर्याप्त नहीं है। चीन में प्रवेश के लिए संबंधित परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेज पहले से मंजूर होने चाहिए।
टूर ऑपरेटर की जांच करना जरूरी
MEA ने यात्रियों से निजी टूर ऑपरेटर चुनते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
मंत्रालय ने कहा कि बुकिंग कराने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित टूर ऑपरेटर विधिवत पंजीकृत और अधिकृत हो। इससे यात्रा के दौरान दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।
52 भारतीयों के फंसे होने का मामला आया सामने
इस मुद्दे को एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि करीब 52 भारतीय श्रद्धालु काठमांडू में फंसे हुए हैं और उन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है।
उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भारत के नेपाल और चीन स्थित दूतावासों तथा विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप कर यात्रियों की सुरक्षित आगे की यात्रा सुनिश्चित करने की अपील की।
नाथू ला मार्ग से जारी है यात्रा
गौरतलब है कि 20 जून 2026 को कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था सिक्किम के नाथू ला दर्रे के रास्ते चीन में प्रवेश कर चुका है। इसके साथ ही इस वर्ष की यात्रा आधिकारिक रूप से शुरू हो गई थी।
हालांकि निजी टूर ऑपरेटरों के जरिए यात्रा करने वाले कुछ श्रद्धालुओं को दस्तावेजों की कमी के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
- भारत से रवाना होने से पहले चीन का परमिट और अन्य सभी यात्रा दस्तावेज अवश्य प्राप्त करें।
- केवल अधिकृत और पंजीकृत टूर ऑपरेटर के माध्यम से ही यात्रा बुक करें।
- दस्तावेजों की पुष्टि के बिना नेपाल के लिए यात्रा शुरू न करें।
- किसी भी समस्या की स्थिति में भारतीय दूतावास या विदेश मंत्रालय से तुरंत संपर्क करें।
कैलाश मानसरोवर यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है, लेकिन इस दौरान सभी आवश्यक औपचारिकताओं का पालन करना बेहद जरूरी है। विदेश मंत्रालय की नई एडवाइजरी यात्रियों को संभावित परेशानियों से बचाने के उद्देश्य से जारी की गई है। ऐसे में यात्रा शुरू करने से पहले सभी दस्तावेजों और टूर ऑपरेटर की प्रमाणिकता की पूरी तरह जांच करना आवश्यक है।





