भारत-न्यूज़ीलैंड के बीच ऐतिहासिक FTA साइन, व्यापार और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक अहम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन किया गया। अधिकारियों ने इसे “एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता” बताया, जो दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा।
यह समझौता भारत के वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal और न्यूज़ीलैंड के ट्रेड मंत्री Todd McClay के बीच साइन हुआ। यह समझौता इस साल के अंत तक लागू हो सकता है, हालांकि इससे पहले न्यूज़ीलैंड की संसद से मंजूरी जरूरी होगी, जिसमें करीब 6 महीने का समय लग सकता है।
व्यापार और निवेश में बड़ा इजाफा
इस समझौते का लक्ष्य अगले 5 साल में दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाकर करीब 5 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। साथ ही, न्यूज़ीलैंड ने अगले 15 साल में भारत में करीब 20 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में होगा।
भारत को क्या फायदा?
इस डील के तहत भारत को न्यूज़ीलैंड में 8,284 प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा। इससे टेक्सटाइल, लेदर, हैंडीक्राफ्ट, फार्मा, मशीनरी और ऑटो पार्ट्स जैसे सेक्टर्स को बड़ा फायदा होगा।
वहीं, भारत ने डेयरी, चीनी, प्याज, मसाले और कुछ कृषि उत्पादों जैसे संवेदनशील सेक्टर्स को सुरक्षित रखा है।
न्यूज़ीलैंड को क्या मिलेगा?
न्यूज़ीलैंड के ऊन, लकड़ी, कोयला, वाइन और फलों जैसे उत्पादों पर भारत में टैक्स कम किया जाएगा, जिससे उनके निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए मौके
इस समझौते के तहत हर साल 5,000 प्रोफेशनल वीजा और 1,000 वर्किंग हॉलिडे वीजा दिए जाएंगे। इससे भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स को IT, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर में नए मौके मिलेंगे।
न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री Christopher Luxon ने इस समझौते को अपने देश के लिए बड़ा मौका बताया और कहा कि इससे उन्हें भारत जैसे 1.4 अरब की आबादी वाले बाजार तक पहुंच मिलेगी। कुल मिलाकर, यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करेगा।





