NM वेरिफाइड

Fact Check: ईरान द्वारा इजरायल के गृह मंत्रालय के कार्यालय पर हमले का नहीं है यह वीडियो

Fact Check: ईरान द्वारा इजरायल के गृह मंत्रालय के कार्यालय पर हमले का नहीं है यह वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ने सुबह इजरायल के गृह मंत्रालय के कार्यालय की बिल्डिंग पर हमला किया है. चलिए जानते हैं कि इस वीडियो में कितनी सच्चाई है.

Instagram पर यूजर ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “ईरान ने आज सुबह इजरायल के गृह मंत्रालय की बिल्डिंग उड़ा दी है” यह वीडियो जून 22, 2025 को पोस्ट किया गया.

 

फैक्ट चैक

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि, यह वीडियो इजरायल का नहीं बल्कि ताजिकिस्तान का है

हमने इस पोस्ट के पीछे की सच्चाई पता लगाने के लिए इसकी बारीकी से जांच की तो हमारे हाथ TikTok की वीडियो लगी. जिसमें ताजिकिस्तान और खुजंद से जुड़े कुछ हैशटैग थे. जिसके बाद हमने इन हैशटैग को Google पर सर्च किया. हमारी सर्चिंग के दैरान हमें Sputnik की जून 20, 2025 की एक रिपोर्ट मिली. इसमें कहा गया है, “खुजंद शहर में आग लगने से प्रतीकात्मक जहाज-यक्कासरोय रेस्तरां पूरी तरह से नष्ट हो गया है. यह घटना 19 जून को हुई थी और खुजंद के ऊपर आसमान में काला धुआं छा गया था.”

इसके अलावा हमें ताजिकस्तान स्थित एक अन्य आउटलेट Asia-Plus की Facebook पोस्ट भी मिली जिसमें रिपोर्ट में दिए गए विवरण की पुष्टि करते हुए कहा, “सिरदारिया के तट पर स्थित रेस्तरां ‘यक्कासरॉय’ में आग लग गई है. आग ने लगभग पूरे प्रतिष्ठान को अपनी चपेट में ले लिया है.” यह पोस्ट फेसबुक पर जून 19 को पोस्ट की गई है.

निष्कर्ष

अंत: हमने जाना कि ताजिकिस्तान में आग लगने का वीडियो, ईरान द्वारा इजरायल पर हमले के बाद की स्थिति बताकर गलत तरीके से साझा किया गया है.

If you want to fact-check any story, WhatsApp it now on +91 11 7127 9799 or Click Here

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button