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फैक्ट चेक: JNU विवाद में घायल हुई लेफ्ट की छात्रों की तस्वीर को फर्जी दावे के साथ किया वायरल, दोनों युवतियां हुई जख्मी 

फैक्ट चेक: JNU विवाद में घायल हुई लेफ्ट की छात्राओं की तस्वीर को फर्जी दावे के साथ किया वायरल, दोनों युवतियां हुई जख्मी 

 

राम नवमी की शाम को दिल्ली स्थित जेएनयू यूनिवर्सिटी में पूजा व नॉनवेज को लेकर ABVP व लेफ्ट संगठन के छात्रों में विवाद हुआ था। इसी विवाद में कई छात्र घायल हो गए थे। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर लेफ्ट संगठन से जुड़ी दो छात्राओं की दो तस्वीरें शेयर कर उन पर तंज कसा जा रहा है।

एक तस्वीर में देखा जा सकता है कि एक युवती घायल अवस्था में लेटी हुई है और एक दूसरी लड़की उसके सर पर हाथ रखकर घायल लड़की को सांतुना देते हुए नजर आरही  है, वहीं दूसरी तस्वीर में सांतुना देने वाली लड़की को घायल अवस्था में देखा जा सकता है और जो युवती पहली तस्वीर में घायल थी वह दूसरी तस्वीर में बिलकुल ठीक नजर आरही है। इन्हीं तस्वीरों के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि दोनों युवतियां लेफ्ट संघठनों से ताल्लुक रखती है और यह दोनों ही घायल होने का नाटक कर रही है।

फेसबुक पर इन तस्वीरों को शेयर कर लिखा गया है,” JNU में कुटाई के बाद कामरेड्स का फ़ोटो सेशन.! पहली तस्वीर में ग्रे टॉप वाली लड़की घायल है और नीली कुर्ती वाली बिल्कुल ठीक है, दूसरी तस्वीर में नीली कुर्ती वाली घायल है और ग्रे टॉप बाली बिल्कुल ठीक है। “

 

 

 

फेसबुक पर वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

इंटरनेट पर वायरल हो रही है इन तस्वीरों की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल के पहले चरण में हमने फेसबुक पोस्ट में दिख रही तस्वीरों को एक-एक कर गूगल पर खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें वायरल पोस्ट की एक तस्वीर scroll.in नामक वेबसाइट पर बीते 11 अप्रैल को प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट में मिली।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, जेएनयू में रामनवमी के अवसर पर कथित रूप से नॉनवेज को लेकर विवाद हो गया, जिसमें एबीवीपी और लेफ्ट संगठनों से जुड़े लगभग 60 छात्र जख्मी हुए हैं। प्राप्त इस रिपोर्ट में इस घटना से जुड़ी कई और जानकारियां दी गयी थी लेकिन वायरल तस्वीर से संबंधित कोई खास जानकारी नहीं प्रकाशित हुई थी। जिसके बाद वायरल तस्वीर में दिख रही जख्मी युवतियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के साथ-साथ कुछ संबंधित कीवर्ड्स की सहायता से खोजना शुरू किया।

जिसके बाद हमें न्यूज़ एजेंसी आजतक की वेबसाइट पर वायरल दोनों तस्वीरों के साथ इस घटना पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में जानकारी दी गयी थी कि वायरल तस्वीरों में से एक तस्वीर में जख्मी नज़र आ रही लड़की जेएनयू की छात्रा अख्तरिस्ता अंसारी है।

जिसके बाद हमने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में अख्तरिस्ता अंसारी की प्रोफइल को खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें फेसबुक पर उक्त जेएनयू की छात्रा की तस्वीर मिल गयी। प्रोफाइल का फेसबुक लिंक यहाँ देखें।

 

 

इसके बाद हमने मामले की छानबीन करने के लिए प्राप्त छात्रा की प्रोफाइल को खंगालना शुरू किया। इस दौरान हमें अख्तरिस्ता अंसारी की प्रोफाइल पर मधुरिमा कुंडू नामक युवती का एक पोस्ट मिला, जहां दोनों वायरल तस्वीर को अपलोड करते हुए  कुछ जानकारी दी गयी है। बता दें अख्तरिस्ता अंसारी ने मधुरिमा की इस पोस्ट को अपनी प्रोफाइल से शेयर किया है।

 

फेसबुक पोस्ट का लिंक।  

पोस्ट को पढ़ने पर हमें पता चला कि मधुरिमा कुंडू घायल होने वाली दूसरी युवती हैं, जो वायरल तस्वीर में नीले कुर्ते में नजर आरही हैं। मधुरिमा ने अपने पोस्ट में जानकारी दी है कि दोनों वायरल तस्वीर को सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे के साथ शेयर कर यह नरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि, दोनों युवतियां (अख्तरिस्ता और मधुरिमा) घायल होने का नाटक कर रही है। मधुरिमा ने अपने पोस्ट में बताया कि उन्हें और उनकी दोस्त अख्तरिस्ता अंसारी दोनों को ही चोट लगी थी।

मधुरिमा ने इन तस्वीरों को पोस्ट करते हुए लिखा है “ये दो तस्वीरों को दिखाकर संघी लोग narrative बना रहे हैं कि हम दोनों चोट लगने का नाटक कर रहे हैं. इसीलिए इसे explain करना ज़रूरी है। संघियों ने पहले मुझे लात और चांटों से मारा, जिस वजह से मैं (नीले रंग के कुर्ते में) कुछ देर के लिए बेहोश हो गयी थी. जिसके बाद बाकी लोगों ने मेरे ऊपर पानी छिड़का, बाद में मैंने पानी पिया तब मेरी हालत थोड़ी ठीक हुई. उसके बाद हम सभी लोग कावेरी हॉस्टल के बाहर जाने की कोशिश करने लगे. तभी अचानक ABVP के गुंडे पत्थर और काँच की बोतल फेकना शुरू कर दिए, जिस वजह से akhtarista को भयंकर चोट लग गई और उसके सर से खून बहना शुरू हो गया. उस वक़्त मैं अपनी जिस भी स्थिति में थी, हमने सबकी मदद की और किसी तरह वहां से बाहर निकले. संघी गुंडे अब एजेंडा फैला रहे हैं कि हम चोट लगने का बहाना कर रहे हैं. जिसको भी ऐसा लगता है आए और सारी रिपोर्ट और घाव के गहरे निशान देख ले. ये दोनों ही तस्वीरें लगभग 20 मिनट के अंतराल की हैं जिसमें पहले मैं बेहोश हुई थी उसके बाद साथियों ने मुझ पर पानी छिड़का, मैं होश में आई और जब हम बाहर निकलने लगे तब ABVP की पत्थरबाजी में हमारी दूसरी कॉमरेड साथी akhtarista को चोट लगी. चोट लगने का असली बहाना तो संघी गुंडे कर रहे हैं जो फर्जी के आरोप लगाकर ये साबित करना चाहते हैं कि मारपीट की शुरुआत संघियो ने नहीं की, जबकि पूरे कैंपस को इनके काले कारनामे पता हैं कि हर जगह हिंसा और गुंडई के दम पर ये लोग कैंपस में बोलने, लिखने पढ़ने और खाने पीने की स्वतंत्रता पर हमला कर रहे हैं

उपरोक्त प्राप्त पोस्ट से यह साफ़ हो गया कि दोनों तस्वीरों में दिख रही युवतियां नाटक नहीं बल्कि सच में जख्मी हुई थी। मधुरिमा की पोस्ट के मुताबिक, कावेरी हॉस्टल में पहले ABVP के लोगों से हाथापाई के दौरान मधुरिमा घायल हुईं, उसके बाद हॉस्टल पर पथराव केचलते उनकी दोस्त अख्तरिस्ता अंसारी घायल हुईं।

वायरल पोस्ट की पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिले तथ्यों से पता चला कि वायरल तस्वीरों के साथ शेयर किया जा रहा दावा गलत। पड़ताल में यह साफ़ हो गया कि दोनों ही युवतियों को चोट लगी थी।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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