
Europe में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने भारी तबाही मचाई है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच, फ्रांस में 1,000 से अधिक लोगों की मौत की खबर सामने आई है। मरने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग शामिल हैं। यह स्थिति पूरे महाद्वीप के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
Germany और अन्य देशों का हाल
Germany में गर्मी ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वहाँ तापमान 41.7°C तक पहुँच गया है, जो एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। गर्मी के कारण जर्मनी की सड़कों और परिवहन प्रणालियों पर भी बुरा असर पड़ा है।
प्रशासन और जनजीवन पर असर
भीषण गर्मी के कारण स्थिति इतनी गंभीर है कि प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं:
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पानी की बौछारें: बर्लिन में पुलिस ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया।
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रेड अलर्ट: इटली के 18 शहरों में स्वास्थ्य मंत्रालय ने भीषण गर्मी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
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परिवहन प्रभावित: जर्मनी में राजमार्गों की सड़कें पिघलने और रेल नेटवर्क में देरी जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
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परमाणु संयंत्र बंद: स्विट्ज़रलैंड के सबसे पुराने परमाणु संयंत्र ‘बेज़नाऊ’ के रिएक्टरों को भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पेरिस में पंखों की मांग बढ़ गई है और आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए कॉल्स में भारी उछाल आया है।





