भारत

एयर इंडिया के 787 ड्रीमलाइनर विमानों की जांच पूरी, DGCA ने सुरक्षा पर रखा ध्यान

एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के 12 जून 2025 को हुए हादसे के बाद डीजीसीए (DGCA) ने एयरलाइन को अपने सभी बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की तुरंत जांच करने का आदेश दिया था। एयर इंडिया के बेड़े में कुल 33 बोइंग 787-8 और 787-9 विमान शामिल हैं। आदेश के बाद एयरलाइन ने सभी 33 विमानों की जांच पूरी की। जांच के दौरान 8 विमानों में छोटी-मोटी तकनीकी खामियां मिलीं, जिन्हें ठीक करने के बाद इन सभी विमानों को दोबारा उड़ान भरने की मंजूरी दे दी गई है।

DGCA ने बताया कि भारत में विमान संचालन और उनकी देखभाल के लिए नियम बेहद सख्त और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। ये नियम समय-समय पर अपडेट किए जाते हैं और ICAO व EASA जैसी अंतरराष्ट्रीय विमानन संस्थाओं के मानकों से मेल खाते हैं। एयरलाइंस को अपने विमानों की निरंतर निगरानी और मेंटेनेंस के लिए DGCA से CAMO की मंजूरी लेनी होती है, जबकि सभी तकनीकी काम DGCA द्वारा अनुमोदित AMO और निर्माता की गाइडलाइन के अनुसार किए जाते हैं।

DGCA ने कहा कि उसके पास निगरानी और जांच का एक मजबूत सिस्टम है, जिसमें नियमित और अचानक किए जाने वाले ऑडिट, स्पॉट चेक, रैंप इंस्पेक्शन, नाइट सर्विलांस और मेंटेनेंस प्रैक्टिस की निरंतर मॉनिटरिंग शामिल है। किसी भी नियम उल्लंघन के मामले में DGCA अपनी पॉलिसी के अनुसार कार्रवाई करता है।

हादसे के बाद DGCA सभी एयरलाइंस के मेंटेनेंस डेटा और बार-बार आने वाली तकनीकी खराबियों पर बारीकी से नजर रख रहा है। सभी शेड्यूल्ड विमानों के रिपीट होने वाले स्नैग्स का विश्लेषण किया गया है ताकि किसी भी सिस्टम में खामी होने पर तुरंत सुधार किया जा सके।

इसके अलावा, DGCA ने 19 जून 2025 को एक नया जनरल सेफ्टी सर्कुलर भी जारी किया है, जिसमें पूरे विमानन तंत्र की विशेष जांच करने और देश की एविएशन सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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