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ऑनलाइन गेमिंग की लत और लोन ऐप के कर्ज ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार, पिता ने ली बेटे की जान

​आंध्र प्रदेश के नंद्याल (Nandyal) जिले से एक बेहद झकझोर देने वाली और दुखद घटना सामने आई है। यहां ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी (Online Betting) की लत के कारण एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। लगातार मिल रही लोन ऐप रिकवरी एजेंट्स की धमकियों और मानसिक तनाव से परेशान होकर एक पिता ने गुस्से में अपने ही इकलौते बेटे की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

क्या है पूरा मामला?

​मृतक युवक की पहचान 22 वर्षीय वामसी कृष्णा (Vamsi Krishna) के रूप में हुई है, जिसने हाल ही में बेंगलुरु से अपनी बीसीए (BCA) की पढ़ाई पूरी की थी। गांव लौटने के बाद वह ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी का आदी हो गया। इस लत को पूरा करने के लिए उसने कई मोबाइल लोन ऐप्स से भारी कर्ज ले रखा था।
​वामसी की मां लीलावती के अनुसार, वे पहले भी बेटे का ₹40,000 का कर्ज चुका चुके थे। इसके बावजूद, लोन एजेंट्स लगभग ₹1 लाख के अतिरिक्त भुगतान के लिए लगातार कॉल कर रहे थे और पूरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।

मानसिक तनाव और विवाद का खूनी अंत

​लोन रिकवरी एजेंट्स के बढ़ते दबाव और पैसों की तंगी के कारण वामसी का मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा था और वह अपने माता-पिता को भी परेशान करने लगा था। इसी घरेलू तनाव के बीच, एक दिन वामसी और उसके पिता वसंत राव (Vasanth Rao) में तीखी बहस हो गई। गुस्से में आकर वसंत राव ने वामसी पर लकड़ी के डंडे से हमला कर दिया, जिससे आई गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
माता-पिता का बयान: “हमने कभी नहीं सोचा था कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और लोन ऐप्स का उत्पीड़न हमारे जीवन में ऐसा भयानक दिन लेकर आएगा।”

​फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच जारी है। यह घटना देश में पैर पसार रहे अवैध लोन ऐप्स और ऑनलाइन गेमिंग के जानलेवा जाल के खिलाफ एक बड़ा चेतावनी संकेत है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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