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फैक्ट चेक: फ़िलिस्तीनी युवक ने नहीं किया चोट का नाटक; वाइरल दावा फैक है

इजराइल-हमास में जंग को एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है। हमास और इज़राइल के बीच संघर्ष में करीब पंद्रह हज़ार से ज्यादा फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके है। हाल ही में इजराइल-हमास के बीच हुए समझौते के तहत इजराइल ने 39 फिलिस्तीनियों को जेल से रिहा कर दिया। इनमे नज्जल (18) को भी  इजराइल जेल से रिहा किया गया था। वही हमास 240 बंधकों में से 24 को रिहा कर दिया गया। इनसब के बीच एक वीडियो वाइरल हो रहा है जिसमे की दोनों हाथों में पट्टी लगे एक बच्चे को देखा जा सकता है। वही एक और सीसीटीवी फुटेज में बच्चे को बिना पट्टी के दिखाया गया। इसे शेयर करते हुए लोगों ने दावा किया किया फिलिस्तीनी युवा मोहम्मद नज्जल को इजरायली जेल से रिहा होने के पहले कोई चोट नहीं आई थी जबकि बाहर आते ही उसे पट्टी लगे दिखया गया है।

एक फेसबुक यूजर ने इसे शेयर करते हुए लिखा, “सीसीटीवी फ़ुटेज में मोहम्मद नज़ाल को जेल से निकलते और दो पूरी तरह काम करने वाले हथियारों के साथ बस में चढ़ते हुए दिखाया गया है। उस पोस्ट को देखें जिसे लाखों व्यूज और शेयर मिल रहे हैं। फ़िलिस्तीनी धोखाधड़ी उद्योग का एक और सफल उत्पादन!”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें

इसे फेसबुक और ट्विटर पर काफी शेयर किया गया।

फैक्ट चेक

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल दावा गलत है। असल में नज्जल के दोनों हाथों में फ्रैक्चर था।

वाइरल वीडियो के साथ शेयर हो रहे दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने कीवर्ड सर्च टूल के माध्यम से खोजना शरू किया। इस दौरान हमे अल जज़ीरा की 28 नवंबर 2023 की एक वीडियो रिपोर्ट मिली। रामल्लाह पहुंचने पर अल जज़ीरा के साथ मोहम्मद नज्जल ने बात-चीत में  उन्होंने पुष्टि की कि रेड क्रॉस संगठन ने उन्हें जेल से ले जाने वाली बस में चिकित्सा उपचार प्रदान किया था। नज्जल ने स्पष्ट किया कि उनकी उंगलियां टूट गईं, जिससे उनकी गतिशीलता प्रभावित हुई।

अरबी फैक्ट चेक वेबसाइट मिसबार ने इज़राइल के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किए गए झूठे दावे को खारिज कर दिया और तथ्य के तौर पर नज्जल के मेडिकल रेपोर्ट्स प्रकाशित किए जिसमें पुष्टि की गई कि इज़राइली जेल से उनकी रिहाई के बाद, मेडिकल जांच में उनकी उंगलियों में फ्रैक्चर था, खासकर दोनों हाथों की तर्जनी और अंगूठे में।

इसके अलावा मिसबार ने नाज़ल के परिवार से प्राप्त एक्स-रे प्रतियां भी अपने रिपोर्ट में प्रकाशित कीं, जिनमे उनकी उंगलियों में फ्रैक्चर दिखाया गया है। इसके अलावा रिपोर्ट में उसकी पीठ पर यातना के निशान वाली तस्वीरे भी मौजूद है, जो जेल में गंभीर पिटाई सहने के वजह से हुए थे।

बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में ब्रिटेन में दो स्वतंत्र डॉक्टरों द्वारा नज्जल की मेडिकल रिपोर्ट की जांच कारवाई, जिन्होंने पुष्टि की कि रामल्लाह में फिलिस्तीनी डॉक्टरों से लिए गए एक्स-रे में मोहम्मद के दोनों हाथों में फ्रैक्चर था।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमें पता चला कि कि वास्तव में नज्जल के दोनों हाथों में चोटें आई थीं। वाइरल हो रहा दावा गलत है।

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