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फैक्ट चेक: मेरठ में युवक की रिश्तेदारों द्वारा की गयी बेरहमी से पिटाई का वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल हुआ वीडियो 

फैक्ट चेक: मेरठ में युवक की रिश्तेदारों द्वारा की गयी बेरहमी से पिटाई का वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल हुआ वीडियो 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक युवक जबरन गंजा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक के चेहरे को कालिख लगाकर काला कर दिया गया है। उसके हाथ बांधकर उसे भीड़ के सामने गंजा किया गया, फिर लातों चप्पलों से उसकी गयी गयी पिटाई और आखिर में उसे जूतों की माला पहनाई गयी।

इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक दलित युवक लखन को इस तरह बेरहमी  से पीटा गया।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर अंग्रेजी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि ‘In a Horrific and shameful incident In UP’s Meerut, A Dalit youth Lakhan’s Hand and feet tied to the tree and his face was blackened and then made bald in front of the crowd. During this, a garland of shoes and slippers was also put around his neck.wonder where are all those leaders who go for photo ops to eat in Dalits house now vanished ?’ 

हिंदी अनुवाद-  यूपी के मेरठ में एक भयानक और शर्मनाक घटना में, एक दलित युवक लखन के हाथ और पैर को पेड़ से बांध दिया गया और उसका चेहरा काला कर दिया गया और फिर भीड़ के सामने गंजा कर दिया गया। इस दौरान उनके गले में जूते-चप्पल की माला भी डाल दी गई। आश्चर्य है कि दलितों के घर फोटो खिंचवाने जाने वाले नेता अब कहां गायब हो गए?

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। वीडियो में युवक के साथ बर्बरता करने वाले लोग युवक के रिश्तेदार ही है।

इंटरनेट पर वायरल वीडियो के साथ शेयर किए जा रहे दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमने सबसे पहले वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें सबसे पहले वायरल वीडियो ETV भारत की वेबसाइट पर बीते 27 मार्च को छपे एक लेख में मिला।

लेख के मुताबिक यह मामला मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र का है। लेख में बताया गया है कि पीड़ित राजस्थान का निवासी है जो फ़िलहाल अपने मेरठ में अपने दीदी-जीजा के साथ रह रहा था। लेख के अनुसार पीड़ित ने आरोप लगाया है कि पड़ोस के रहने वाले रवि, सोनू और अजय उसकी बहन से रंजिश रखते हैं। उसने बताया कि कुछ लोग जीजा के घर पर पहुंचकर उनसे मारपीट करने लगे तो इस दौरन उसने बीचबचाव किया और उन्हें छुड़ाने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और पीटकर मुंह पर कालिख पोती, बाल काटे और जूतों की माला पहनाई।

हालांकि लेख में कहीं भी इस मामले में दलित एंगल होने या किसी ऊंची जाति के लोगों द्वारा यह कृत किए जाने का ऐसा कोई प्रमाण नहीं दिया गया था।

मामले की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें अमर उजाला की वेबसाइट पर मार्च 27, 2023 को छपे लेख में मिला।

प्राप्त लेख में दी गयी जानकरी के मुताबिक मेरठ जिले के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में एक युवक को गंजा करके उसका मुंह काला किया गया। यही नहीं इसके बाद उसके गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाकर गुमाया गया। लेख में बताया गया गया है कि पीड़ित का आरोप है कि पड़ोस के रहने वाले सोनू, रवि आपसी रंजिश के चलते वह पीड़ित के घर पहुंचे और उसके साथ गाली-गलौज करने लगे। वहीं विरोध करने पर आरोपियों युवक के हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद आरोपी लखन को बीच चौराहे पर ले गए। फिर भीड़ के सामने गंजा कर दिया। इस दौरान उसके गले में जूते-चप्पलों की माला भी डाली गई।

यहाँ पर भी किसी तरह के दलित एंगल होने की बात नहीं कही गयी है। इसलिए मामले की तह तक जाने के लिए हमने मेरठ के सीईओ ब्रह्मपुरी से फ़ोन पर सीधा संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि पुलिस इस मामले में दी गयी तहरीर के आधार पर 6 लोगों नामजद किया गया है। जिसमें 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीओ ब्रह्मपुरी ने बताया है कि इस मामले में पीड़ित और आरोपी दोनों ही पक्ष दलित हैं।

पड़ताल के दौरान हमें मेरठ पुलिस के आधिकारिक ट्विटर प्रोफाइल द्वारा इस मामले को लेकर किया गया एक भी ट्वीट मिला। जहां पुलिस ने साफ़ तौर पर बताया कि पीड़ित और आरोपी दोनों ही आपस में रिश्तेदार हैं।

पड़ताल के दौरान हमें मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो को भ्रामक दलित एंगल के साथ शेयर किया जा रहा है, जबकि सच यह है कि पीड़ित और आरोपी दोनों ही पक्ष दलित हैं।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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