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रामचरितमानस विवाद: स्वामी प्रसाद मौर्या के बयान के बाद घिरी सपा, भाजपा अध्यक्ष ने मौर्या को बताया विक्षिप्त लोग

रामचरित मानस विवाद: स्वामी प्रसाद मौर्या के बयान के बाद घिरी सपा, भाजपा अध्यक्ष ने मौर्या को बताया विक्षिप्त 

 

समाजवादी पार्टी से एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्या के रामचरित मानस पर विवादित बयान के बाद से बयान छिड़ गया हैं। विवादित टिप्पणी के बाद विपक्ष की बयानबाजी बढ़ती जा रही है। आज भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे लोग विक्षिप्त हैं और अखिलेश यादव को बताना चाहिए ये उनकी पार्टी का विचार है या स्वामी प्रसाद का निजी विचार है। सपा हमेशा देश विरोधी लोगों के साथ खड़ी रही।

 

समाजवादी पार्टी ने रामचरित मानस को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्या के बयान से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी प्रवक्ता आईपी सिंह ने कहा, “आस्था पर सवाल नहीं होते, चाहे किसी भी धर्म के अनुयाई हो। रामचरितमानस पर सवाल उठाना गलत है।”

बता दें पूर्व कैबिनेट मंत्री और समाजवादी से मौजूदा एमएलसी स्वामी प्रसाद ने बयान दिया था कि, रामचरितमानस में दलितों और महिलाओं का अपमान किया गया है। तुलसीदास ने ग्रंथ को अपनी खुशी के लिए लिखा था। करोड़ों लोग इसे नहीं पढ़ते। इस ग्रंथ को बकवास बताते हुए कहा कि सरकार को इस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।

बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्या के बयान के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा ने सपा नेता पर केस दर्ज कराने के लिए लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी है। हिंदू महासभा ने अपनी तहरीर में कहा है कि मौर्य के बयान से हिंदू धर्म के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है साथ ही धार्मिक उन्माद फैलान का प्रयास किया गया।

 

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