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फैक्ट चेक: सोशल मीडिया पर दीवाली को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के नाम से वायरल हो रहा पत्र फर्जी है, पढ़ें पूरा सच 

फैक्ट चेक: सोशल मीडिया पर दीवाली को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के नाम से वायरल हो रहा पत्र फर्जी है, पढ़ें पूरा सच

 

इस बार अक्टूबर महीने के आखिरी हफ्ते में दीपावली का पर्व मनाया जायेगा। ऐसे में इन दिनों सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी के नाम एक पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। पत्र में “मेरे प्यारे भारत वासियों, आप सब इस बार इतना करें कि आने वाले दीपावली पर्व पर अपने घरों में रोशनी सजावट, मिठाई इन सब में केवल भारत में बनी सामग्री का प्रयोग करें। आशा करता हूं आप इस प्रधान सेवक की बात को जरूर मानेंगे। आप छोटे-छोटे कदमों से अगर मेरा साथ दो तो मैं आप से वादा करता हूं हमारे भारत को दुनिया की सबसे आगे वाली पंक्ति में प्रथम स्थान पर खड़ा पाओगेब ” पत्र आखिर में पीएम मोदी के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं ” इसी पत्र को इन दिनों फेसबुक पर तेजी से वायरल किया जा रहा है।

 

 

फेसबुक पर वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल पत्र फर्जी है।

क्या पीएम मोदी ने दीपावली पर्व पर अपने घरों में रोशनी सजावट, मिठाई इन सब में केवल भारत में बनी सामग्री का प्रयोग करने की अपील की है? यदि प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा कोई अपील की है तो किसी न किसी मीडिया संसथान ने इस पर खबर जरूर की होगी। इसलिए इस बात का सच जानने के लिए हमने सबसे पहले गूगल पर तफ्तीश की। इस दौरान हमने कुछ संबंधित कीवर्ड्स से खोजना शुरू किया।

लेकिन, खोज में हमें मिले परिणामों में कहीं भी इस प्रधानमंत्री के वायरल पत्र से जुड़ें मामले की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। इसलिए मामले की तह तक जाने के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया।

जिसके बाद हमें ट्विटर पर इसी वायरल पत्र को लेकर पूर्व महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी द्वारा किया गए एक ट्वीट प्राप्त हुआ। बता दें कि प्राप्त इस ट्वीट को सितंबर 27, 2016 को किया गया था।

उपरोक्त प्राप्त ट्वीट में पूर्व आईपीएस किरण बेदी ने पहले अपने एक ट्वीट में इस पत्र को सही मान कर अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इसे शेयर कर दिया था। बाद में जब उन्हें पता चला कि यह वायरल पत्र फर्जी है, तो उन्होंने अपने इस पोस्ट के लिए लोगों से माफ़ी मांगी थी। प्राप्त ट्वीट से हमने जाना कि वायरल पत्र फर्जी है जो कई सालों से सोशल मीडिया पर वायरल है।

पुष्टि के लिए हमने गूगल पर एक बार फिर खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें वायरल पत्र को लेकर पीएमओ द्वारा अगस्त 31, 2016 को किया गया एक ट्वीट प्राप्त हुआ। जहां पीएमओ ने खुद इस पत्र का खंडन करते हुए इसे फर्जी बताया है।

पड़ताल के दौरान हमने जाना कि सोशल मीडिया पर इन दिनों पीएम के नाम पर दिवाली को लेकर वायरल हो रहा पत्र कई सालों से इंटनेट पर मौजूद है। जिसे कई सालों से दीवाली का दिन करीब आते ही वायरल कर दिया जाता है। साल 2016 में पीएमओ ने खुद ट्वीट कर इस पत्र को फर्जी करार दिया है।

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