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भाजपा के संतोष कुमार गंगवार ने प्रोटेम स्पीकर बनने की अटकलों पर लगाया विराम, कहा मंत्री पद के साथ नहीं ले सकता यह ज़िम्मेदारी

गुरुवार को पीएम मोदी लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. इसके साथ ही पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले मंत्री भी आज शपथ ग्रहण करेंगे.

पीएम मोदी और मंत्रिमंडल के बाद सभी नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी, जिसके लिए अटकले लगाई जा रही थी कि संतोष कुमार गंगवार को प्रोटेम स्पीकर बनाया जा सकता है, जो नए सांसदों को शपथ दिलाएंगे.

हालांकि न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है. 17 वीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर चुने जाने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने अपने बयान में कहा,”मैं मंत्री बनने के बाद प्रो-टेम्पल स्पीकर नहीं बन सकता. किसी और को वह पद मिलेगा. मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी मैं उसे निभाऊंगा.”

बता दें कि किसी वरिष्ठ नेता को ही प्रोटेम स्पीकर चुना जाता है. गौरतलब है कि 2014 में मध्य प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया था. उस समय कमलनाथ लोकसभा के सबसे वरिष्ठ सांसद थे और मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा संसदीय सीट से लगातार नौवीं बार आम चुनाव में जीतकर संसद पहुंचे थे.

संतोष गंगवार, 2019 में उत्तर प्रदेश की बरेली सीट से चुनाव जीतकर आठवीं बार सांसद बने हैं. उन्होंने समाजवादी पार्टी के भगवत शरण गंगवार को 1,67,282 वोटों से पराजित किया.

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बता दें कि प्रोटेम स्पीकर को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है. इसकी नियुक्ति तब तक के लिए होती है, जबतक लोकसभा अपना स्थायी स्पीकर नहीं चुन लेती.

प्रोटेम स्पीकर नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ ग्रहण करवाता है. सांसदों के शपथ ग्रहण करने और उनके संसद का हिस्सा बनने के बाद उनके द्वारा एक स्थायी स्पीकर का चुनाव किया जाता है.

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