मन की बात में PM मोदी ने कारगिल वीरों को किया नमन, छात्रों और पर्यावरण का भी किया जिक्र

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रसारित इस कार्यक्रम में उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता, अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारतीय छात्रों की सफलता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जन अभियानों का भी उल्लेख किया।
कारगिल के वीरों को किया नमन
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश उनके साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि भारत आज न केवल अपने वीर जवानों का सम्मान कर रहा है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी लगातार आगे बढ़ रहा है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारतीय नौसेना में INS महेंद्रगिरि के शामिल होने, पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल सिस्टम के सफल परीक्षण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ सहयोग के क्षेत्र में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
उन्होंने हाल ही में इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल से जुड़े समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया का भरोसा भारतीय रक्षा तकनीक पर लगातार बढ़ रहा है।
छात्रों की उपलब्धियों पर जताया गर्व
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथेमेटिक्स ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं की प्रतिभा पूरे विश्व में देश का नाम रोशन कर रही है और ओलंपियाड तथा हैकाथॉन जैसी प्रतियोगिताओं के प्रति छात्रों का बढ़ता उत्साह बेहद सकारात्मक संकेत है।
Vikram-1 लॉन्च का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने भारत के पहले निजी रॉकेट Vikram-1 की सफल लॉन्चिंग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का परिणाम अब दुनिया देख रही है और भारतीय युवा नवाचार के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने की अपील
‘मन की बात’ में पर्यावरण संरक्षण भी प्रमुख विषय रहा। प्रधानमंत्री ने Catch the Rain अभियान, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और देशभर में जल संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने लोगों से जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार होगा।
उन्होंने गुजरात के गिर जंगलों में इंडियन ग्रे हॉर्नबिल की वापसी और विभिन्न राज्यों में जल संरक्षण के सफल प्रयासों का भी उल्लेख किया।
खादी और हर घर तिरंगा अभियान का दिया संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर लोगों से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को अपनाने की अपील की। साथ ही स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित होने वाले ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति, आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों में जनभागीदारी ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।





