Sonam Wangchuk Fast Ends: पत्नी ने बताई सरकार की लिखित सहमति की पूरी कहानी

Sonam Wangchuk Fast Ends: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन लंबे अनशन के समाप्त होने के बाद उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आधी रात को लिखित रूप में कई अहम मांगें स्वीकार की हैं। इनमें छात्र प्रदर्शनकारियों पर FIR नहीं दर्ज करने, NEET पीड़ितों को मुआवजा देने और संसद में शिक्षा सुधारों पर चर्चा कराने का आश्वासन शामिल है।
सरकार ने लिखित में स्वीकार कीं मांगें
डॉ. गीतांजलि आंगमो ने बताया कि आधी रात को सरकार की ओर से लिखित पुष्टि मिली, जिसमें तीन प्रमुख मांगों को स्वीकार किया गया।
इनमें शामिल हैं:
- छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं होगी।
- NEET से प्रभावित पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।
- संसद के मौजूदा मानसून सत्र में शिक्षा सुधारों पर चर्चा होगी।
JP Nadda और Jitendra Singh ने की थी मुलाकात
आंगमो ने बताया कि गुरुवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह उनसे और सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे थे। इससे पहले विपक्ष के 16 सांसदों ने भी अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के 65 सांसदों ने भी लिखित रूप में भरोसा दिया है कि शिक्षा सुधार का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।
शिक्षा सुधार पर संसद में होगी चर्चा
डॉ. आंगमो के अनुसार, सरकार और विपक्ष दोनों इस बात पर सहमत हुए हैं कि मानसून सत्र के दौरान शिक्षा सुधारों पर विस्तृत चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक केवल एक लक्षण है, जबकि असली समस्या पूरी परीक्षा व्यवस्था में मौजूद है। उम्मीद है कि यह आंदोलन सरकार के लिए एक बड़ा सबक साबित होगा।
‘यह आंदोलन सफल रहा’
डॉ. गीतांजलि आंगमो ने कहा कि यह आंदोलन केवल NEET तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में सुधार की मांग को लेकर था।
उन्होंने कहा, “यह एक सफल आंदोलन रहा और इसी वजह से सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।”
अब सेमी-सॉलिड डाइट पर रहेंगे वांगचुक
उन्होंने बताया कि लंबे अनशन के बाद डॉक्टरों की सलाह पर सोनम वांगचुक शुक्रवार से सेमी-सॉलिड (अर्ध-ठोस) भोजन लेना शुरू करेंगे। फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन तेज है। अब सभी की नजर संसद में होने वाली शिक्षा सुधार पर चर्चा और सरकार की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।





