
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी में बढ़ती बगावत के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। टीएमसी विधायक मदन मित्रा के बागी गुट में शामिल होने के बाद ममता ने कहा कि “जो जाना चाहता है, चला जाए। बीजेपी चाहती है कि मुझे हार्ट अटैक आए, लेकिन मैं तुम्हारा अंत देखकर ही जाऊंगी।”
मदन मित्रा के जाने पर ममता का जवाब
बुधवार को फेसबुक लाइव के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि मदन मित्रा का पार्टी छोड़ना अभिषेक बनर्जी की वजह से नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनकी पत्नी और दोनों बेटों को भेजे गए समन के कारण हुआ।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों के दबाव में कई नेता पार्टी छोड़ रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी का किया बचाव
ममता बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभिषेक और उनके परिवार को कई बार समन भेजे गए, लेकिन उन्होंने कभी समझौता नहीं किया।
ममता ने कहा, “अगर अभिषेक चाहते तो उन्हें राहत मिल सकती थी, लेकिन उन्होंने लड़ाई छोड़ने के बजाय उसका सामना किया।”
बागी नेताओं पर साधा निशाना
टीएमसी प्रमुख ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने राजनीतिक फायदे के लिए अपनी अंतरात्मा बेच दी।
उन्होंने कहा, “मैं जनता से गद्दारों की ओर से माफी मांगती हूं। मैंने राजनीति बचाने के लिए कभी अपना विवेक नहीं बेचा।”
BJP पर लगाया एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों और पुलिस का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बना रही है।
उन्होंने दावा किया कि कई नेता डर के कारण बागी गुट में शामिल हुए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि टीएमसी के पास अब भी लोकसभा और राज्यसभा में पर्याप्त सांसद हैं।
क्या बोले मदन मित्रा?
टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने बुधवार को बागी गुट में शामिल होने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल “विधानसभा में अपना कमरा बदला है।”
मित्रा ने आरोप लगाया कि उनकी मांग थी कि अभिषेक बनर्जी छह महीने के लिए पद से हटें, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
TMC में बढ़ी सियासी हलचल
मदन मित्रा के बागी गुट में शामिल होने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे टीएमसी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि बता रहा है, जबकि ममता बनर्जी का कहना है कि पार्टी किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना करेगी।





