Rajasthan Cyber Fraud: सीकर में फर्जी Digital Arrest के नाम पर रिटायर्ड बैंक कर्मचारी से ठगे ₹55 लाख

सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 65 वर्षीय रिटायर्ड बैंक कर्मचारी को ठगों ने फर्जी Digital Arrest Scam का शिकार बनाकर ₹55 लाख रुपये ठग लिए। साइबर अपराधियों ने खुद को दिल्ली पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और लगातार दो दिनों तक वीडियो कॉल पर बनाए रखा।
पुलिस अधिकारी बनकर शुरू किया ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार, सीकर निवासी रिटायर्ड बैंक कर्मचारी महावीर प्रसाद शर्मा को एक व्यक्ति ने WhatsApp वीडियो कॉल किया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनके नाम से जारी एक SIM कार्ड का इस्तेमाल आपत्तिजनक संदेश भेजने और कई आपराधिक मामलों में किया गया है।
जब पीड़ित ने इन आरोपों से इनकार किया तो ठगों ने दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है और उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
Fake Court Hearing दिखाकर डराया
ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी, पुलिसकर्मी और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में पेश किया। उन्होंने फर्जी वीडियो कॉल के जरिए नकली कोर्ट की कार्यवाही भी दिखाई।
साइबर अपराधियों ने पीड़ित को कहा कि वह किसी से संपर्क न करें और जांच में सहयोग करें। उन्होंने इसे कथित तौर पर “राष्ट्रीय सुरक्षा” से जुड़ा मामला बताकर डर का माहौल बनाया।
दो दिन तक WhatsApp कॉल पर रखा
पुलिस के मुताबिक, ठगों ने महावीर प्रसाद शर्मा को लगभग दो दिनों तक लगातार WhatsApp वीडियो कॉल पर रखा। इस दौरान उन्हें परिवार के सदस्यों से बात करने से भी रोका गया।
डर और मानसिक दबाव के कारण पीड़ित ने ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में दो किस्तों में कुल ₹55 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बेटे को शक होने पर सामने आया मामला
ठगी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित के बेटे ने उनके व्यवहार में बदलाव देखा। पूछताछ करने पर पूरी घटना सामने आई और साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां WhatsApp कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटा रही हैं। हालांकि, पैसे मिलने के बाद आरोपी अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर चुके हैं।
सीकर में बढ़ रहे साइबर अपराध के मामले
साइबर पुलिस के अनुसार, सीकर जिले में जनवरी से जून के बीच साइबर ठगी के 19 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में पीड़ितों से कुल ₹1.5 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हुई है।
Digital Arrest जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं
पुलिस ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि Digital Arrest नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया मौजूद नहीं है। कोई भी पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए पैसे जमा करने का दबाव नहीं बनाती।
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक डिटेल, पासवर्ड या निजी जानकारी साझा न करें।
साइबर ठगी से बचने के लिए रखें ध्यान
- पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर कॉल करने वालों से सतर्क रहें।
- डराकर पैसे मांगने वालों पर भरोसा न करें।
- किसी भी संदिग्ध कॉल की जानकारी तुरंत परिवार को दें।
- साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
Digital Arrest Scam के बढ़ते मामलों के बीच जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी कानूनी कार्रवाई के नाम पर डरकर पैसे ट्रांसफर करने से पहले संबंधित विभाग से आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।





