अमेरिका का ईरान पर सबसे बड़ा हमला, 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक, बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान के दक्षिणी हिस्से में 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल में हुए संघर्षविराम (Ceasefire) के बाद यह ईरान के खिलाफ अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अभियान है।
यह कार्रवाई होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास व्यावसायिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों के बाद की गई है।
80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस अभियान में सटीक निर्देशित हथियारों (Precision-Guided Munitions) का इस्तेमाल किया गया। हमलों का लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
अमेरिका ने जिन ठिकानों को निशाना बनाया, उनमें शामिल हैं:
- एयर डिफेंस सिस्टम
- कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
- तटीय रडार स्टेशन
- एंटी-शिप मिसाइल साइट
- ड्रोन लॉन्चिंग बेस
- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौकाएं
- बंदरगाह और निगरानी केंद्र
ईरान के कई शहरों में हुए धमाके
ईरानी मीडिया के मुताबिक बंदर अब्बास, सीरिक और क़ेश्म द्वीप में कई जोरदार विस्फोट हुए। स्थानीय रिपोर्टों में क़ेश्म द्वीप पर छह, सीरिक में सात से नौ और बंदर अब्बास में करीब दस धमाकों की जानकारी दी गई है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर हमलों के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिका का कहना है कि हाल ही में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास तीन व्यावसायिक टैंकरों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई। इनमें से एक टैंकर में आग लग गई थी, जबकि दो अन्य जहाज क्षतिग्रस्त हुए थे।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
ईरान ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे “खुला आक्रमण” बताया है। ईरानी सेना ने कहा कि इस कार्रवाई का “करारा जवाब” दिया जाएगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने हाल ही में हुए समझौते (MoU) का उल्लंघन किया है और इसके परिणामों की जिम्मेदारी भी अमेरिका की होगी।
राजनयिक वार्ता पर मंडराया संकट
ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत पर भी संकट गहरा गया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल वार्ता दोबारा शुरू होने की संभावना बेहद कम है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बड़े सैन्य टकराव की आशंका बढ़ सकती है।
ईरानी राष्ट्रपति लौटे तेहरान
अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अपना इराक दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तेहरान लौट रहे हैं। वह पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने इराक गए थे।
वहीं, ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।





