11 साल बाद सेशेल्स पहुंचे PM मोदी, हिंद महासागर में भारत की बढ़ेगी ताकत? जानिए क्यों खास है यह दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स के दौरे पर हैं। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह 11 साल बाद पहली सेशेल्स यात्रा है। यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि भारत और सेशेल्स के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
सेशेल्स के लिए क्यों खास है यह दौरा?
इस साल सेशेल्स अपनी आजादी के 50 साल पूरे कर रहा है। इसी के साथ भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के भी 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होंगे और सेशेल्स की संसद के विशेष सत्र को भी संबोधित करेंगे।
हिंद महासागर में भारत की रणनीति होगी मजबूत
सेशेल्स हिंद महासागर के बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों के बीच स्थित है। दुनिया के बड़े हिस्से का व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति इसी क्षेत्र से गुजरती है। ऐसे में भारत इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, निगरानी और सहयोग को और मजबूत करना चाहता है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर रहेगा जोर
दौरे के दौरान भारत, सेशेल्स को फास्ट पेट्रोल वेसल (Fast Patrol Vessel) सौंपेगा। इससे पहले भारत डोर्नियर विमान, गश्ती नौकाएं और अन्य रक्षा सहयोग भी उपलब्ध करा चुका है।
दोनों देश समुद्री डकैती, ड्रग तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं।
ब्लू इकोनॉमी और नई परियोजनाओं पर फोकस
भारत और सेशेल्स ने Joint Vision SESEL के तहत ब्लू इकोनॉमी, अक्षय ऊर्जा, डिजिटल गवर्नेंस, स्वास्थ्य और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।
भारत पहले ही सेशेल्स के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर चुका है। इस दौरे के दौरान कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया जाएगा।
दोनों देशों के रिश्ते और होंगे मजबूत
सेशेल्स में भारतीय मूल के हजारों लोग रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे और ऐतिहासिक नवशक्ति विनायगर मंदिर के दर्शन करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा केवल दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत नहीं करेगा, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को भी नई मजबूती देगा। आने वाले समय में रक्षा, व्यापार, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भारत-सेशेल्स सहयोग और तेज होने की उम्मीद है।





