
आरा: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में कथित पुलिस एनकाउंटर (Bhojpuri Fake Encounter) में युवक भरत तिवारी की मौत के बाद भारी जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। गुरुवार की सुबह जब भरत तिवारी का शव गांव पहुंचा, तो ग्रामीण और परिजन भड़क उठे और सड़क पर उतर आए।
आरा-बक्सर फोरलेन किया जाम
आक्रोशित भीड़ ने भरत तिवारी के शव को आरा-बक्सर फोरलेन पर रखकर जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस कथित एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल बर्खास्त कर उन्हें फांसी की सजा दी जाए। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया और राइफलें दिखाकर खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन लोग हटने को तैयार नहीं थे। पुलिस के सामने आक्रोशित भीड़ डटी रही।
6 पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच जारी
इस मामले पर भोजपुर के एसपी ने जानकारी दी है कि घटना में शामिल 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें शाहपुर थाना प्रभारी, सब इंस्पेक्टर और एक सहायक सब इंस्पेक्टर समेत कुल आधा दर्जन पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का गंभीर आरोप मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसे नजदीक से चार गोलियां मारीं।





