भारतमनोरंजन

कॉमेडियन प्रणीत मोरे के ‘P370 बिरयानी’ वायरल क्लिप पर मचा बवाल: कुशा कपिला और अन्य ने की कड़ी आलोचना

कॉमेडियन प्रणीत मोरे (Pranit More) हाल ही में अपने एक स्टैंड-अप शो के ‘क्राउड-वर्क’ (crowd-work) सेगमेंट को लेकर सोशल मीडिया पर गंभीर विवादों में घिर गए हैं। यह वायरल क्लिप, जिसे सोशल मीडिया पर ‘P370 बिरयानी’ क्लिप के नाम से जाना जा रहा है, में एक दर्शक द्वारा महिलाओं के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर प्रणीत के व्यवहार को लेकर लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है।

क्या है पूरा मामला?

वायरल हो रहे इस वीडियो में, एक दर्शक महिला के प्रति बेहद अश्लील और सेक्सिस्ट टिप्पणी करता है। लोगों का आरोप है कि इस दौरान प्रणीत ने न केवल उन टिप्पणियों को सुना, बल्कि उन पर हंसे और उनका समर्थन किया, जो बेहद शर्मनाक है। इस क्लिप के सामने आने के बाद, जानी-मानी कंटेंट क्रिएटर कुशा कपिला, डॉली सिंह और साक्षी शिवदासानी सहित कई अन्य महिला इन्फ्लुएंसर्स ने कॉमेडियन की जमकर क्लास लगाई है।

क्रिएटर्स ने क्या कहा?

कुशा कपिला ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “यह कॉमेडी नहीं है, यह रिएक्शन पाने के लिए डिजाइन किया गया कंटेंट है।” वहीं, डॉली सिंह ने प्रणीत पर आरोप लगाया कि उन्होंने दर्शक की ‘घिनौनी’ बातों पर हंसकर और उन्हें इनाम देकर उस व्यवहार को बढ़ावा दिया।

प्रणीत मोरे ने मांगी माफी

बढ़ते विरोध को देखते हुए, प्रणीत मोरे ने सोशल मीडिया पर एक सार्वजनिक माफीनामा जारी किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने इस स्थिति को गलत तरीके से संभाला। उन्होंने लिखा, “मैं इस आलोचना को एक सीख के रूप में ले रहा हूं। मुझे उस समय टिप्पणी को चुनौती देनी चाहिए थी, न कि हंसकर आगे बढ़ जाना चाहिए था। यह मेरी ओर से निर्णय लेने में चूक थी।”

इस विवाद ने ऑनलाइन स्पेस में महिलाओं के प्रति व्याप्त ‘मिसोजिनी’ (misogyny) और क्रिएटर्स की जिम्मेदारी को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button