US ने फिर किया ईरान पर हमला, Bandar Abbas में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

Washington DC: US और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास (Bandar Abbas) में ताजा सैन्य हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि ये कार्रवाई “आत्मरक्षा” और समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए की गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हमले उस समय किए गए जब ईरानी बल कथित तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास “वन-वे अटैक ड्रोन” लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे। अमेरिका ने दावा किया कि उसने चार ईरानी ड्रोन भी मार गिराए।
Bandar Abbas में धमाकों की खबर
ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास और उसके आसपास के इलाकों में कई धमाकों की पुष्टि की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलों के बाद एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए।
यह पिछले तीन दिनों में ईरान पर अमेरिका का दूसरा बड़ा हमला माना जा रहा है। इससे पहले भी अमेरिका ने मिसाइल लॉन्च साइट्स और समुद्री माइंस बिछाने वाली नौकाओं को निशाना बनाया था।
Iran ने दी जवाबी चेतावनी
ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया और अमेरिकी लड़ाकू विमान पर फायरिंग की।
तेहरान ने कहा कि “किसी भी दुश्मनी भरे कदम का जवाब दिया जाएगा।”
Trump का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान “कमजोर स्थिति” में बातचीत कर रहा है और अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई और तेज कर सकता है।
ट्रंप ने कहा:
“शायद हमें वापस जाकर काम पूरा करना पड़े, शायद नहीं।”
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहता है।
Strait of Hormuz बना वैश्विक चिंता का केंद्र
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। यहां जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो रहे हैं और तेल कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
शांति वार्ता पर संकट
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अप्रैल से लागू है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों ने शांति वार्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों देशों के बीच कतर और अन्य मध्य-पूर्वी देशों की मध्यस्थता





