
PM Modi आज दिल्ली के ‘सेवा तीर्थ’ में मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक के कारण सभी केंद्रीय मंत्रियों को राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। बैठक आज शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच शुरू होने की उम्मीद है और इसके चार से पांच घंटे तक चलने की संभावना है।
बैठक का मुख्य एजेंडा
यह बैठक प्रधानमंत्री की हालिया विदेश यात्रा के तुरंत बाद हो रही है। जानकारों के अनुसार, इस चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु शासन (Governance) और प्रमुख नीतियों का क्रियान्वयन होगा। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से तेल की कीमतों, ईंधन आपूर्ति, मुद्रास्फीति और व्यापारिक प्रवाह को लेकर उत्पन्न चिंताओं पर चर्चा की जाएगी।
प्रधानमंत्री इस दौरान मंत्रालयों को आर्थिक व्यवधान को कम करने और क्षेत्रीय तनावों के प्रतिकूल प्रभावों से नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर सकते हैं। स्थिति पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय अनौपचारिक समूह पहले ही सक्रिय है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं।
कैबिनेट में बदलाव की चर्चा
इस बैठक ने राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट में संभावित फेरबदल और विस्तार की अटकलों को हवा दे दी है। चूँकि 10 जून को मोदी सरकार के वर्तमान कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा हो रहा है, ऐसे में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक के दौरान मंत्रालयों के प्रदर्शन, विभिन्न सुधारों और सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार की पहली वर्षगांठ से पहले मंत्रिपरिषद में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।





