
उत्तर प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा को किडनैप कर 16 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान पीड़िता को अमानवीय शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
घटना का विवरण
यह मामला 30 अप्रैल का है, जब पीड़िता अपनी कोचिंग क्लास से वापस लौट रही थी। मोहिस श्रीवास्तव, अंकित श्रीवास्तव और अल्लू राजपूत के नेतृत्व में आए कुछ लोगों ने कार में उसका अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद आरोपियों ने उसे बेहोश करने के लिए जबरन नशे के इंजेक्शन दिए और उसके साथ यौन शोषण किया। इतना ही नहीं, उन्होंने पीड़िता के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
बर्बरता की हदें
पीड़िता के अनुसार, बंधक बनाए रखने के दौरान उसे लगातार प्रताड़ित किया गया। आरोपियों ने उसे जलती हुई सिगरेट से दागा और चाकू से जख्म दिए। 13 मई को उसे प्रयागराज ले जाया गया, जहाँ आरोपी ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों और भनवा राजपूत के साथ मिलकर उसे जबरन शादी करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। जब पीड़िता ने शादी से इनकार किया, तो उन्होंने उसके भाई की तस्वीर दिखाकर उसकी हत्या की धमकी दी और वीडियो डिलीट करने के बदले शादी का दबाव बनाया।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता की मां द्वारा 1 मई को दर्ज कराई गई गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए चार विशेष टीमें गठित कीं। दो सप्ताह की कड़ी मशक्कत और जांच के बाद, 16 मई को पुलिस ने पीड़िता को प्रयागराज से सकुशल बरामद कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपियों में से तीन को हिरासत में ले लिया गया है और अन्य की तलाश जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है और विपक्षी दलों ने राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।





