Himachal Pradesh: उखड़े पेड़, उड़ी छतें; जनजीवन बेहाल

Himachal Pradesh में सोमवार तड़के आए भीषण तड़ित झंझावात (Thunderstorm) और तेज हवाओं ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के कई हिस्सों में कुदरत का ऐसा तांडव देखने को मिला कि कहीं पेड़ों की जड़ें उखड़ गईं, तो कहीं मकानों और गौशालाओं की छतें हवा में उड़ गईं। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल संपत्ति को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि एक दुखद हादसे में एक व्यक्ति की जान भी ले ली।
तबाही का मंजर: शिमला से कांगड़ा तक नुकसान
राजधानी शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिले तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। कुल्लू के बंजार क्षेत्र में पांच घरों और दस गौशालाओं की छतें उड़ने की खबर है। शिमला और कांगड़ा में बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से घंटों अंधेरा छाया रहा। जलौरी पास पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ, जबकि सुंदरनगर में कई वाहन मलबे और पेड़ों की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए।
एक की मौत, दर्जनों मवेशियों ने गंवाई जान
कांगड़ा जिले के वृंदावन क्षेत्र में एक बिजली लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई, जब वह अचानक बिजली आपूर्ति बहाल होने के कारण मरम्मत का काम कर रहा था। इसके अलावा, आसमानी बिजली गिरने से मंडी के एक गांव में दर्जनों मवेशियों के मारे जाने की भी खबर है।
मौसम विभाग का अलर्ट और बारिश के आंकड़े
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य में 16 मई तक ‘वेट स्पेल’ यानी बारिश का दौर जारी रहने की भविष्यवाणी की है। पिछले 24 घंटों में:
• बिजाही और गुलर: 40-50 mm बारिश
• कांगड़ा: 32.4 mm बारिश
• सुंदरनगर: 57-65 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।





