Rohit Jain बने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डिप्टी गवर्नर, 3 साल के लिए मिली जिम्मेदारी

भारतीय बैंकिंग जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने रोहित जैन (Rohit Jain) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नया डिप्टी गवर्नर (Deputy Governor) नियुक्त किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने आधिकारिक तौर पर उनके नाम पर मुहर लगा दी है।
3 साल का होगा कार्यकाल
जारी अधिसूचना के अनुसार, रोहित जैन का कार्यकाल तीन वर्षों के लिए होगा। उनकी यह नियुक्ति 3 मई, 2026 या उसके बाद से प्रभावी होगी। रोहित जैन वर्तमान में केंद्रीय बैंक (RBI) में ही कार्यकारी निदेशक (Executive Director) के पद पर कार्यरत हैं, जिससे स्पष्ट है कि उन्हें बैंक के आंतरिक कामकाज और नीतियों का गहरा अनुभव है।
टी. रबी शंकर की लेंगे जगह
रोहित जैन इस महत्वपूर्ण पद पर टी. रबी शंकर (T. Rabi Sankar) का स्थान लेंगे। आरबीआई के संगठनात्मक ढांचे में गवर्नर के साथ चार डिप्टी गवर्नर होते हैं, जो अलग-अलग महत्वपूर्ण विभागों जैसे मौद्रिक नीति, वित्तीय स्थिरता, और डिजिटल भुगतान की निगरानी करते हैं। जैन के आने से केंद्रीय बैंक की टीम को एक नई ऊर्जा और अनुभव मिलने की उम्मीद है।
बैंकिंग सेक्टर के लिए क्या हैं इसके मायने?
रोहित जैन की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव जारी है और भारत अपनी डिजिटल करेंसी (e-Rupee) तथा बैंकिंग सुधारों पर तेजी से काम कर रहा है। एक अनुभवी अधिकारी के रूप में, जैन से उम्मीद की जा रही है कि वे:
1.महंगाई दर (Inflation) को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
2.बैंकिंग प्रणालियों में सुरक्षा और नवाचार को बढ़ावा देंगे।
3.रिजर्व बैंक की नियामक नीतियों (Regulatory Policies) को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।
रोहित जैन का लंबा अनुभव और आरबीआई के भीतर उनकी कार्यशैली उन्हें इस पद के लिए एक योग्य उम्मीदवार बनाती है। आने वाले तीन सालों में भारतीय बैंकिंग प्रणाली को उनके नेतृत्व में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





