वैश्विक सुस्ती के बीच भारत चमका, IMF ने बढ़ाया ग्रोथ अनुमान

दुनियाभर में आर्थिक अनिश्चितता के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। International Monetary Fund (IMF) के ताजा अनुमान के मुताबिक, जहां कई देशों की आर्थिक रफ्तार धीमी पड़ सकती है, वहीं भारत मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
IMF के अनुसार, वैश्विक आर्थिक विकास दर 2026 में करीब 3.1% और 2027 में 3.2% रहने का अनुमान है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण दुनिया भर में निवेश और सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
IMF Growth Forecast 2026:
🇺🇸 US: 2.3%
🇩🇪 Germany: 0.8%
🇫🇷 France: 0.9%
🇮🇹 Italy: 0.5%
🇪🇸 Spain: 2.1%
🇬🇧 UK: 0.8%
🇯🇵 Japan:0.7%
🇨🇦 Canada: 1.5%
🇨🇳 China: 4.4%
🇮🇳 India: 6.5%
🇷🇺 Russia: 1.1%
🇧🇷 Brazil: 1.9%
🇲🇽 Mexico: 1.6%
🇸🇦 Saudi Arabia: 3.1%
🇳🇬 Nigeria: 4.1%
🇿🇦… pic.twitter.com/hs7T3ebF1v— IMF (@IMFNews) April 14, 2026
महंगाई के मोर्चे पर भी चुनौतियां बनी हुई हैं। 2026 में महंगाई थोड़ी बढ़ सकती है, हालांकि 2027 में हालात सामान्य होने पर इसमें कमी आने की उम्मीद है। इन सबके बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। IMF ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 2026 और 2027 के लिए 6.5% कर दिया है। यह पहले के अनुमान से थोड़ा ज्यादा है और भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखता है।
IMF का कहना है कि भारत की मजबूत घरेलू मांग, स्थिर उपभोग और निवेश, और अमेरिकी टैरिफ का कम असर जैसे कारण देश की आर्थिक वृद्धि को सपोर्ट कर रहे हैं। हालांकि, वैश्विक स्तर पर जोखिम अभी भी बने हुए हैं। मिडिल ईस्ट में लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष, बढ़ते राजनीतिक तनाव, व्यापार विवाद, और बढ़ता कर्ज जैसे कारक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कई देश बढ़ते तनाव के कारण रक्षा खर्च बढ़ा रहे हैं। इससे जहां थोड़े समय के लिए आर्थिक गतिविधि बढ़ सकती है, वहीं महंगाई और सरकारी खर्च पर दबाव भी बढ़ सकता है। अन्य प्रमुख देशों की तुलना में भारत की विकास दर सबसे ज्यादा है। जहां अमेरिका की ग्रोथ 2.3% रहने का अनुमान है, वहीं चीन की 4.4% और जापान की 0.7% रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए देशों को आपसी सहयोग बढ़ाने और मजबूत आर्थिक नीतियां अपनाने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में यह दुनिया की ग्रोथ का बड़ा इंजन बन सकती है।





