पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार सतर्क, ईंधन आपूर्ति और नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने हालात से निपटने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकार का ध्यान देश में ईंधन की सप्लाई बनाए रखने, गैस इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने बताया कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जारी नाकेबंदी के असर को कम करने के लिए खास रणनीति बनाई गई है।
एलपीजी (रसोई गैस) की संभावित कमी को देखते हुए सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा दे रही है। शहरी इलाकों में गैस सिलेंडर बुकिंग का समय 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन कर दिया गया है, ताकि सप्लाई पर दबाव कम हो सके। साथ ही, प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की सप्लाई भी दोगुनी कर दी गई है।
मार्च 2026 से अब तक करीब 4.40 लाख नए PNG कनेक्शन दिए जा चुके हैं और लगभग 5 लाख नए उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। राज्यों को भी PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटा दी है। साथ ही डीजल और एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) के निर्यात पर टैक्स बढ़ाया गया है, ताकि देश में पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
सरकार ने लोगों से घबराकर ज्यादा खरीदारी न करने की अपील की है। जमाखोरी रोकने के लिए राज्यों को जरूरी अधिकार दिए गए हैं और 13 अप्रैल को देशभर में करीब 2,950 छापेमारी की गई, जिसमें केरल में बड़ी मात्रा में अवैध गैस सिलेंडर भी जब्त किए गए। समुद्री क्षेत्र में फिलहाल बंदरगाहों का काम सामान्य चल रहा है। शिपिंग महानिदेशालय ने 2,262 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की है और खाड़ी क्षेत्र में जहाजों से लगातार संपर्क बनाए रखा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुवैत, इजराइल, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्षों से बात कर स्थिति की समीक्षा की है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
ईरान से 2,300 से ज्यादा भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इसके अलावा सऊदी अरब, जॉर्डन और मिस्र के जरिए भी अतिरिक्त रास्ते खोले गए हैं, जबकि यूएई और कतर से सीमित उड़ानें जारी हैं। 28 फरवरी से अब तक करीब 9.55 लाख लोग पश्चिम एशिया से भारत लौट चुके हैं। भारतीय दूतावास लगातार हेल्पलाइन के जरिए नागरिकों की मदद कर रहे हैं।





