चीन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, वरिष्ठ राजनयिक सन वेइदोंग को पद से हटाया गया

चीन में एक अहम प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। वरिष्ठ राजनयिक और भारत में पूर्व राजदूत रहे सुन वेईदोंग को विदेश मंत्रालय में उपमंत्री के पद से हटा दिया गया है। यह जानकारी चीन के मानव संसाधन और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में दी। बयान के मुताबिक, यह फैसला चीन की स्टेट काउंसिल की ओर से लिया गया है। हालांकि, उन्हें हटाने की वजह क्या है, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सन वेइदोंग की आखिरी सार्वजनिक गतिविधि 13 मार्च को थी, जब उन्होंने ब्रुनेई और मलेशिया के राजदूतों से मुलाकात की थी। इससे कुछ दिन पहले उन्होंने बीजिंग में पाकिस्तान के राजदूत खलील हाशमी के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर भी बातचीत की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन में इस तरह अचानक किसी वरिष्ठ अधिकारी को हटाया जाना अक्सर अनुशासनात्मक कार्रवाई या जांच का संकेत हो सकता है। हालांकि, कुछ लोग इसे उनके ट्रांसफर या रिटायरमेंट से भी जोड़कर देख रहे हैं। इसी आदेश में एक अन्य अधिकारी, एन लुशेंग, को भी नेशनल रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के डिप्टी डायरेक्टर पद से हटाने की जानकारी दी गई है।
चीन में इस तरह के फेरबदल अक्सर राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत देखे जाते हैं। 2013 से शुरू हुए इस अभियान में बड़े अधिकारियों से लेकर निचले स्तर के कर्मचारियों तक पर कार्रवाई की गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल चीन में भ्रष्टाचार के 10 लाख से ज्यादा मामलों की जांच हुई, जिनमें करीब 9 लाख से अधिक लोगों पर कार्रवाई की गई। इस अभियान का असर सेना तक भी देखा गया है, जहां कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाए गए हैं।





