AI साइंस-टेक्नोलॉजी

एलन मस्क ने सैम ऑल्टमैन पर उठाए सवाल, OpenAI की लीडरशिप पर बहस तेज

टेक दुनिया के बड़े नाम एलन मस्क ने हाल ही में सैम ऑल्टमैन  के नेतृत्व और विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों का समर्थन किया है। उन्होंने पत्रकार Ronan Farrow के इंटरव्यू को शेयर किया, जो The New Yorker की एक विस्तृत जांच पर आधारित है।

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 18 महीनों की रिसर्च और 100 से ज्यादा इंटरव्यू के बाद यह दावा किया गया है कि सैम ऑल्टमैन के काम करने के तरीके में पारदर्शिता की कमी है। कुछ पूर्व सहयोगियों ने उन्हें “झूठ बोलने वाला” और “मैनिपुलेटिव” तक बताया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऑल्टमैन कई बार AI सुरक्षा से ज्यादा मुनाफे को प्राथमिकता देते नजर आए।

एलन मस्क, जो पहले OpenAI के सह-संस्थापक रह चुके हैं, ने भी इन चिंताओं को सही बताया। उन्होंने कहा कि “इतनी ताकतवर AI तकनीक की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को नहीं देनी चाहिए, जिस पर भरोसा न हो।”

रिपोर्ट में 2023 की उस घटना का भी जिक्र है, जब सैम ऑल्टमैन को अचानक उनके पद से हटा दिया गया था। उस समय कहा गया था कि उन्होंने कुछ मामलों में पूरी सच्चाई नहीं बताई थी। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद उन्हें वापस CEO बना दिया गया, जिसके पीछे कंपनी के अंदरूनी दबाव और निवेशकों की भूमिका बताई गई।

इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि ऑल्टमैन ने दुनिया भर में तेजी से बिजनेस डील्स करने, AI नियमों के खिलाफ लॉबिंग करने और कंपनी को गैर-लाभकारी मिशन से हटाकर ज्यादा कमर्शियल दिशा में ले जाने की कोशिश की।

हालांकि, सैम ऑल्टमैन ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह झूठ नहीं बोलते और कई बार उनकी “टकराव से बचने वाली आदत” को गलत समझ लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी अब भी AI सुरक्षा को लेकर गंभीरता से काम कर रही है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब दुनिया भर में AI के इस्तेमाल और उसके नियंत्रण को लेकर बहस तेज हो रही है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button