Heatwave 2026: लू और डिहाइड्रेशन से कैसे बचें

साल 2026 की गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बढ़ता तापमान और लगातार चलने वाली लू लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है। ऐसे में हीटवेव सिर्फ असहजता ही नहीं बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है। लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए जरूरी है कि हम समय रहते सावधानी बरतें और अपने शरीर की जरूरतों को समझें।
लू क्या है और क्यों खतरनाक है?
लू यानी हीटवेव तब होती है जब शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है और वह खुद को ठंडा नहीं कर पाता। इससे सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, तेज बुखार और कभी-कभी बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग इसके ज्यादा शिकार होते हैं।
डिहाइड्रेशन से बचाव कैसे करें
गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में पानी तेजी से बाहर निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। इससे बचने के लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है, भले ही प्यास न लगे। नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और फलों का रस जैसे तरल पदार्थ शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं और ऊर्जा बनाए रखते हैं।
घर से बाहर निकलते समय बरतें ये सावधानियां
तेज धूप में बाहर निकलने से बचना सबसे अच्छा उपाय है, खासकर दोपहर 12 से 4 बजे के बीच। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर रखें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। साथ ही, पानी की बोतल हमेशा अपने साथ रखें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
खान-पान में बनाये रखें संतुलन
गर्मी के मौसम में हल्का और पौष्टिक भोजन करना चाहिए। तले-भुने और मसालेदार खाने से बचें क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है। इसके बजाय ताजे फल, सलाद, दही और हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें। यह शरीर को ठंडा रखते हैं और पाचन को भी बेहतर बनाते हैं।
लू लगने पर क्या करें
अगर किसी को लू लग जाए, तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर लाएं और शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें। उसे पानी, नमक-शक्कर का घोल या ORS दें। ठंडे पानी की पट्टियां भी राहत देती हैं। गंभीर स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
हीटवेव के इस दौर में लापरवाही करना भारी पड़ सकता है। थोड़ी सी जागरूकता और सही आदतें अपनाकर हम खुद को लू और डिहाइड्रेशन से बचा सकते हैं। याद रखें, बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है और यह पूरी तरह हमारे हाथ में है।





