“राष्ट्रपति खड़ी, आप बैठे” ममता बनर्जी का PM मोदी पर फोटो वार, सियासी घमासान तेज

New Delhi: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच राष्ट्रपति के हालिया बंगाल दौरे को लेकर विवाद तेज हो गया है।
ममता बनर्जी ने एक पुरानी तस्वीर दिखाकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। इस तस्वीर में भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu खड़ी नजर आ रही हैं जबकि प्रधानमंत्री कुर्सी पर बैठे दिखाई देते हैं।
ममता बनर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर राष्ट्रपति के पद का इतना सम्मान किया जाता है, तो फिर ऐसी स्थिति क्यों दिखाई देती है।
The Prime Minister keeps making grand claims about respecting the President’s office.
Let us take a good look at this photo. The country’s first tribal woman President stands while the Prime Minister sits comfortably in his chair.
All proclamations of respect for the… pic.twitter.com/LUzw5wW4dW
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 8, 2026
तस्वीर दिखाकर साधा निशाना
एक जनसभा में ममता बनर्जी ने कहा कि यह तस्वीर दिखाती है कि कौन वास्तव में राष्ट्रपति के पद का सम्मान करता है और कौन नहीं।
यह तस्वीर 2024 की बताई जा रही है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ भाजपा नेता Lal Krishna Advani को भारत रत्न से सम्मानित किया था।
राष्ट्रपति के बंगाल दौरे से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हाल ही में दार्जिलिंग में आयोजित International Santal Conference में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल पहुंची थीं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आम तौर पर राष्ट्रपति के आगमन पर मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्री स्वागत के लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में ऐसा नहीं हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे मामले को “दुखद और अभूतपूर्व” बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, जो खुद आदिवासी समुदाय से आती हैं, उनके साथ ऐसा व्यवहार देश के लिए निराशाजनक है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने आदिवासी संस्कृति से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को गंभीरता से नहीं लिया।
This is shameful and unprecedented. Everyone who believes in democracy and the empowerment of tribal communities is disheartened.
The pain and anguish expressed by Rashtrapati Ji, who herself hails from a tribal community, has caused immense sadness in the minds of the people… https://t.co/XGzwMCMFrT
— Narendra Modi (@narendramodi) March 7, 2026
ममता बनर्जी का जवाब
ममता बनर्जी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम का आयोजन एक निजी संस्था ने किया था और राज्य सरकार को आयोजन की जिम्मेदारी नहीं दी गई थी।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने पहले ही राष्ट्रपति सचिवालय को कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम तय समय पर हुआ।
केंद्र ने मांगी रिपोर्ट
इस विवाद के बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि राष्ट्रपति के स्वागत के समय मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद क्यों नहीं थे और कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं में कथित कमियां क्यों सामने आईं।





