दिल्ली में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर बुजुर्ग NRI डॉक्टर दंपती से 14 करोड़ से ज्यादा की ठगी

दिल्ली में साइबर ठगी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां बुजुर्ग NRI डॉक्टर दंपती से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर करीब 14.85 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर दंपती को दो हफ्ते से ज्यादा समय तक डर और दबाव में रखा।
पीड़ितों की पहचान डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा के रूप में हुई है। दोनों रिटायर्ड डॉक्टर हैं और करीब 50 साल तक अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ काम कर चुके हैं। साल 2015 में भारत लौटने के बाद वे दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रह रहे थे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय थे।
पुलिस के अनुसार, ठगी की शुरुआत 24 दिसंबर 2025 को हुई, जब दंपती को एक कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस और जांच एजेंसियों का अधिकारी बताया और कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। इसके लिए PMLA जैसे कानूनों का हवाला दिया गया।
इसके बाद ठगों ने लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए दंपती को निगरानी में रखा, जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है। 24 दिसंबर से 10 जनवरी तक उन्हें किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया और बार-बार तुरंत गिरफ्तारी की धमकी दी गई।
पुलिस ने बताया कि 77 वर्षीय डॉ. इंदिरा तनेजा को डराकर आठ अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। हर बार 2 करोड़ से लेकर 2.10 करोड़ रुपये तक की रकम भेजी गई, जिससे कुल ठगी की राशि 14.85 करोड़ रुपये हो गई।
शिकायत में डॉ. इंदिरा ने बताया कि ठग उनके हर कदम पर नजर रखते थे। अगर वह बाहर जातीं या किसी दूसरे फोन का इस्तेमाल करने की कोशिश करतीं, तो आरोपी तुरंत उनके पति के फोन पर वीडियो कॉल कर देते थे। बैंक जाने से पहले उन्हें यह भी सिखाया जाता था कि बैंक कर्मचारियों को पैसे ट्रांसफर की झूठी वजह क्या बतानी है।
एक बार बैंक मैनेजर ने इतनी बड़ी रकम पर सवाल भी उठाया, लेकिन डर के कारण उन्होंने वही जवाब दिया जो ठगों ने बताया था।
10 जनवरी को मामला तब सामने आया, जब ठगों ने उन्हें कहा कि पैसे RBI के जरिए वापस मिल जाएंगे और इसके लिए उन्हें पुलिस स्टेशन जाना होगा। वह वीडियो कॉल पर रहते हुए थाने पहुंचीं और ठगों ने SHO से सीधे बात भी की। ठगों के बदतमीजी से बात करने पर पुलिस को शक हुआ और तभी दंपती को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है।
शनिवार को ई-एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने केस स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट को सौंप दिया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने दंपती की अकेलेपन की स्थिति का फायदा उठाया, क्योंकि उनके बच्चे विदेश में रहते हैं। लगातार डर और मानसिक दबाव बनाकर उन्हें अपने नियंत्रण में रखा गया। इस घटना के बाद दंपती गहरे सदमे में हैं।





