Sonam Wangchuk Hunger Strike: पत्नी ने रखी बड़ी शर्त, सांसदों के भरोसे पर खत्म हो सकता है अनशन

Sonam Wangchuk Hunger Strike: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आंदोलन अब अहम मोड़ पर पहुंच गया है। उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने रविवार को कहा कि यदि राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल पहुंचकर यह भरोसा दें कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दे संसद के मानसून सत्र में उठाए जाएंगे, तो सोनम वांगचुक सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है और Cockroach Janta Party (CJP) ने ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया है।
पत्नी ने रखी अनशन खत्म करने की शर्त
गीतांजलि आंगमो ने कहा कि कई सांसद पहले ही सोनम वांगचुक से मुलाकात कर शिक्षा सुधार और परीक्षा अनियमितताओं का मुद्दा संसद में उठाने का आश्वासन दे चुके हैं। यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एकजुट होकर यही भरोसा दोहराते हैं, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे।
जंतर-मंतर पर बढ़ी समर्थकों की भीड़
सोमवार को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च से पहले जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में समर्थक जुटने लगे हैं। CJP ने रविवार रात को भी समर्थकों से आंदोलन स्थल पर डटे रहने की अपील की।
पार्टी के नेताओं का दावा है कि हजारों लोग आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
संसद सत्र में उठ सकता है NEET का मुद्दा
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस देकर NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की है।
इससे पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर, समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव, आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद समेत कई विपक्षी नेता सोनम वांगचुक से मुलाकात कर चुके हैं।
अस्पताल में भर्ती हैं सोनम वांगचुक
21 दिनों से अधिक समय तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। वांगचुक ने इसे “अवैध हिरासत” बताया, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कदम डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देशों के अनुसार उठाया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग पर अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए स्वास्थ्य रिपोर्ट मांगी है।
‘चलो संसद’ मार्च पर पुलिस की सख्ती
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ‘चलो संसद’ मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू है, जिसके तहत जंतर-मंतर को छोड़कर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन पर सभी की नजर
अब सभी की नजर सोमवार पर टिकी है। एक ओर संसद का मानसून सत्र शुरू होगा, वहीं दूसरी ओर यह साफ होगा कि राजनीतिक दलों के आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त करते हैं या आंदोलन आगे जारी रहता है।




