
जालंधर: पंजाब पुलिस ने अपने ही एक अधिकारी, इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार कर लिया है। नागरा, जो टांडा पुलिस स्टेशन के पूर्व एसएचओ (SHO) रह चुके हैं, पर अमेरिकी न्याय विभाग (US Justice Department) ने अंतरराष्ट्रीय जबरन वसूली रैकेट में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला इसी साल 15 जनवरी को मियानी गांव में हुई आप (AAP) कार्यकर्ता बलविंदर सिंह की हत्या से जुड़ा है। आरोप है कि नागरा ने अमेरिका में रहने वाले एक भारतीय परिवार को फर्जी हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर उनसे 400,000 डॉलर (लगभग 3.8 करोड़ रुपये) की वसूली की कोशिश की थी।
कैसे हुआ खुलासा?
अमेरिकी न्याय विभाग की जांच, जिसे ‘ऑपरेशन हैक’ (Operation Hack) का हिस्सा बताया जा रहा है, में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के एक साथी का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि इस गिरोह ने पीड़ित परिवार को धमकाया और फिर पीड़ित का नाम एक “भ्रष्ट पुलिस अधिकारी” (इंस्पेक्टर नागरा) को दिया। इसके बाद, इंस्पेक्टर ने पीड़ित, उनके पिता और बहन को उक्त हत्या के मामले में फंसाने का डर दिखाकर उनसे 16 लाख रुपये की अवैध वसूली की थी।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने नागरा को तुरंत एसएचओ के पद से हटा दिया था। अब उन्हें गिरफ्तार कर दसूहा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अमेरिकी प्रशासन अब नागरा के प्रत्यर्पण (extradition) की कोशिश कर रहा है ताकि उन पर जबरन वसूली की साजिश रचने के अंतरराष्ट्रीय आरोपों के तहत मुकदमा चलाया जा सके।





