मौसम

दिल्ली में घना स्मॉग, हवा ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में; कई इलाकों में AQI 400 पार

दिल्ली में सर्दी दस्तक देते ही प्रदूषण का स्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है. शुक्रवार सुबह राजधानी घने स्मॉग की चादर में लिपटी रही और हवा की गुणवत्ता ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में दर्ज की गई.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजे दिल्ली का समग्र एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 384 दर्ज हुआ, जो लगातार खतरनाक स्तर की ओर इशारा करता है.

इससे दो दिन पहले, बुधवार (27 नवंबर) को शाम 4 बजे दिल्ली का AQI 377 रहा था—थोड़ा कम, लेकिन अभी भी ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में ही.

कई इलाकों में प्रदूषण ‘गंभीर’ स्तर पर

शुक्रवार तड़के कई स्थानों पर AQI 400 के पार पहुँच गया, जिससे वे क्षेत्र ‘गंभीर’ श्रेणी में आ गए. CPCB के ताज़ा डाटा के मुताबिक:

जहांगीरपुरी — 420

अशोक नगर — 417

बवाना — 413

चांदनी चौक — 408

अनंद विहार — 408

बुराड़ी क्रॉसिंग — 403

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम — 401

अनंद विहार में भी घना कोहरा जैसी धुंध छाई रही. कुछ स्थानीय निवासियों ने इसकी वजह बाहरी कारणों को बताया. निवासी विनोद का दावा है कि विदेशों में ज्वालामुखी गतिविधियों का असर दिल्ली के प्रदूषण पर देखा जा रहा है.

उन्होंने ANI से कहा, “हर साल की तरह प्रदूषण तो है ही, लेकिन इस बार ज्वालामुखी की राख के बादल के असर से स्तर और बढ़ गया है… बाकी सब सामान्य है. सरकार ने कृत्रिम बारिश जैसे कदम उठाए, लेकिन रसायन एक जगह डाला गया और बारिश कहीं और हो गई—वैज्ञानिक प्रक्रिया है, कभी-कभी असफल भी होती है.”

अन्य लोकेशन भी ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में

दिल्ली के कई हिस्सों में हवा की स्थिति चिंताजनक बनी रही.

मंदिर मार्ग — 320

ITO — 393

नजफगढ़ — 365

सिरी फ़ोर्ट — 394

श्री अरबिंदो मार्ग — 354

ये सभी क्षेत्र शुक्रवार को ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में दर्ज हुए.

प्रदूषण में हल्की गिरावट के बाद GRAP स्टेज-III हटाया गया

प्रदूषण स्तर ‘गंभीर’ से थोड़ा नीचे आने के बाद, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू स्टेज-III प्रतिबंध हटा दिए. इन प्रतिबंधों में निर्माण गतिविधियों और औद्योगिक कामों पर सख्त रोक शामिल थी.

हालांकि, आयोग ने सभी एजेंसियों को स्टेज-I और स्टेज-II के प्रावधान सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं ताकि AQI दोबारा ‘गंभीर’ या ‘गंभीर+’ स्तर पर न पहुंचे.

CAQM के बयान में कहा गया,
“स्टेज-I और स्टेज-II के तहत सभी कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी, इनकी नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाएगी… ताकि AQI फिर से ‘Severe/Severe+’ श्रेणी में न जाए.”

साथ ही, आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन निर्माण स्थलों को नियम उल्लंघन के कारण बंद किया गया था, वे नई मंजूरी के बिना काम दोबारा शुरू नहीं कर सकते.

If you want to fact-check any story, WhatsApp it now on +91 11 7127 9799 or Click Here

 

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button