STF ने पकड़ा फर्जी RAW अफसर, 17 फ्लैट और 81 लाख की रकम बरामद

ग्रेटर नोएडा में यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 33 वर्षीय सुनीत कुमार नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कभी RAW अधिकारी तो कभी आर्मी मेजर बताकर लोगों को धोखा दे रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सालभर से ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग किराए के फ्लैट्स में नकली पहचान के सहारे रह रहा था और शेल कंपनियां चलाकर मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसकी अपनी पत्नी — जो पड़ोसी राज्य में जज है — भी यह नहीं जानती थी कि उसका पति फर्जी पहचान के सहारे जी रहा है। STF ने जब मंगलवार को पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपनी पत्नी का नाम लेने पर उसे फोन किया, तब जाकर वह सच्चाई जान पाई।
कैसे खुला फर्जी RAW अफसर का राज?
पुलिस के अनुसार, सुनीत कुमार ग्रेटर नोएडा के सुरजपुर स्थित पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टे में रहता था और मूल रूप से बिहार के वैशाली का निवासी है। शिकायतें मिलने पर STF की टीम ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के दौरान वह बार-बार STF अधिकारियों को धमकाने लगा और खुद को RAW का अधिकारी बताता रहा। उसने यह भी कहा कि उसकी पत्नी जज है और उससे “प्रोटोकॉल के अनुसार” बात की जाए।
इस पर STF ने RAW से उसका रिकॉर्ड चेक कराया और पता चला कि वह किसी भी खुफिया एजेंसी में कार्यरत नहीं है। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पत्नी को भी क़तई अंदाज़ा नहीं था
अधिकारियों के अनुसार, उसकी पत्नी को सच जानकर गहरा सदमा लगा। दोनों की शादी एक साल पहले हुई थी और सुनीत ने उसे बताया था कि वह एक केंद्रीय खुफिया एजेंसी में काम करता है। घरवालों को भी वह अपने झूठे पदों के बारे में विश्वास दिलाता रहा।
फर्जी पहचान से लिए 17 फ्लैट, खोले कई बैंक खाते
STF का कहना है कि आरोपी ने पिछले 18 महीनों में 17 से ज्यादा किराए के फ्लैट लिए। पुलिस वेरिफिकेशन की बात आने पर वह नकली ID दिखाता और कहता कि वह “सीक्रेट मिशन” पर है। कहीं खुद को आर्मी मेजर बताता, तो कहीं दिल्ली पुलिस का फर्जी NOC दिखाता था।
इन फ्लैट्स के पते इस्तेमाल कर वह कई शेल कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलता था। पुलिस ने उसके दो बैंक खातों में मौजूद ₹81 लाख सीज़ कर लिए हैं। वह पैसा गोल-गोल घुमाकर अपनी कंपनी को IPO के लिए तैयार दिखाना चाहता था।
घर से मिली नकली IDs की भरमार
पुलिस ने उसके घर से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए, जिनमें शामिल हैं:
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कैबिनेट सेक्रेटिएट और चुनाव आयोग के नकली कार्ड
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5 पैन कार्ड
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3 वोटर ID
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17 रेंट एग्रीमेंट
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20 चेकबुक
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कई ATM कार्ड
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3 लैपटॉप, 3 टैबलेट और अन्य दस्तावेज
अब उसकी डिजिटल डिवाइसेज़ की जांच की जा रही है ताकि पैसों की असली ट्रेल पता चले।
कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
सुनीत कुमार पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, पहचान छुपाने और IT एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। STF के अनुसार, जांच में उसके चचेरे भाई का नाम भी सामने आ रहा है, जिसे जल्द ही आरोपी बनाया जा सकता है। उसकी पत्नी का नाम उजागर नहीं किया गया है क्योंकि वह एक कार्यरत जज हैं।





