विदेश

जब 6 साल बाद शी जिनपिंग से मिले डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के बुसान में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक की. इस दौरान ट्रंप ने कहा, “हमारी मुलाकात बहुत सफल रहने वाली है. वे बहुत सख्त वार्ताकार हैं, यह अच्छी बात नहीं है। हम एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं. हमारे बीच हमेशा से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं…”

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच इस मुलाकात पर दुनिया भर की निगाहें हैं, क्योंकि विश्व की ये दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बीच ट्रेड टेंशन का ग्लोबल असर देखने को मिलता है. दोनों देशों में व्यापारिक तनाव कम होने की संभावनाओं से वैश्विक बाजारों में सुधार देखने को मिला है. अमेरिका और चीन के बीच रेयर अर्थ मैटेरियल को लेकर भी लंबे समय से तनातनी चल रही है. चीन ने ऐसे दुर्लभ खनिज तत्वों के निर्यात पर अंकुश लगाने का संकेत दिया है.

मतभेदों से आगे बढ़ने का संकेत देते हुए जिनपिंग ने कहा, हमारे देशों की अलग-अलग परिस्थितियां हैं, हम हमेशा आंखों में आंखें डालकर नहीं देखते और दुनिया की दो अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं के बीच कुछ गतिरोध होना सामान्य बात है. हमें सही दिशा में आगे बढ़ते हुए चीन-अमेरिका के रिश्तों की स्थिरता को सुनिश्चित करना चाहिए. मैं यह भरोसा रखता हूं कि चीन का विकास और आपके (ट्रंप) मेक अमेरिका ग्रेट अगेन की सोच पर साथ-साथ आगे बढ़ा जा सकता है.

अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों में तनाव की कई वजहें हैं. इसमें व्यापार डील से लेकर रूस से तेल खरीदने तक का मुद्दा शामिल है. पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका की एक्सपोर्ट कंट्रोल नीति और चीन की रेयर अर्थ एक्सपोर्ट पर सख्ती को लेकर दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ गई है. 1 नवंबर से अमेरिका चीनी सामान पर 100 फीसदी टैरिफ की घोषणा कर चुका है. इस मीटिंग में ये मुद्दा मुख्य रूप से उठने वाला है. इसके अलावा रूस से तेल व्यापार को लेकर भी दोनों देशों के बीच समझौते की कोशिश होगी.

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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