कांतारा चैप्टर 1 का डिजिटल प्रीमियर तय, प्राइम वीडियो पर होगी ग्लोबल रिलीज़

प्राइम वीडियो ने घोषणा की है कि बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कांतारा: ए लीजेंड चैप्टर 1’ का डिजिटल प्रीमियर 31 अक्टूबर से उसके प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। यह फिल्म 2022 में रिलीज़ हुई सुपरहिट फिल्म ‘कांतारा’ की प्रीक्वल है। फिल्म भारत समेत 200 से ज़्यादा देशों में स्ट्रीम होगी। शुरुआत में यह फिल्म कन्नड़ भाषा में उपलब्ध होगी, साथ ही इसके तमिल, तेलुगु और मलयालम डब वर्ज़न भी मिलेंगे। हालांकि, हिंदी वर्ज़न अभी रिलीज़ नहीं किया जाएगा, इसलिए हिंदी दर्शकों को ऑनलाइन रिलीज़ के लिए थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ेगा।
हॉम्बले फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म अभी भी सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और इसी बीच इसका डिजिटल सफर शुरू होने जा रहा है। इस फिल्म की खासियत इसका भव्य प्रेज़ेंटेशन और गहरी आध्यात्मिकता से जुड़ी कहानी है। फिल्म को लिखा, निर्देशित और लीड रोल में पेश किया है ऋषभ शेट्टी ने। इसमें रुक्मिणी वasant, गुलशन देवैया और जयराम भी अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगे।
‘कांतारा: चैप्टर 1’ की कहानी कदंबा राजवंश के काल में सेट है। यह फिल्म पंजुर्ली दैव नामक दिव्य शक्ति की उत्पत्ति और उसके पवित्र जंगलों की रक्षा करने वाली गाथा को दिखाती है। कहानी सत्ता, लालच और प्रकृति की ताकत के बीच उठने वाले संघर्ष पर आधारित है, जहां न्याय और संतुलन बनाए रखने के लिए दिव्य शक्तियाँ जागृत होती हैं। फिल्म में भूत कोला परंपरा को बेहद प्रामाणिक तरीके से दर्शाया गया है, जो कर्नाटक के तटीय इलाकों की सदियों पुरानी लोक परंपरा है। दर्शकों को इसमें शानदार सिनेमैटोग्राफी, गहरे भावनात्मक दृश्य और अजनीश लोकनाथ का सशक्त बैकग्राउंड स्कोर देखने-सुनने को मिलेगा।
प्राइम वीडियो इंडिया के कंटेंट लाइसेंसिंग हेड मनीष मेंघानी ने कहा, “‘कांतारा’ ने भारतीय सिनेमा को एक नई दिशा दिखाई है। यह साबित करता है कि लोककथाओं और संस्कृति से जुड़ी कहानियाँ वैश्विक दर्शकों को भी बांध सकती हैं। नया चैप्टर इस विश्व को और समृद्ध करेगा।” उन्होंने आगे कहा, “यह फिल्म आध्यात्मिकता, भावनाओं और भव्यता का बेहतरीन संगम है, और हम इसे 31 अक्टूबर से वैश्विक दर्शकों के लिए प्रस्तुत करने को उत्साहित हैं।”
लेखक, निर्देशक और मुख्य कलाकार ऋषभ शेट्टी ने कहा, “‘कांतारा: ए लीजेंड चैप्टर 1’ हमारी मिट्टी में रची-बसी कहानी है। यह इंसान, प्रकृति और आस्था के पवित्र संबंध का उत्सव है।”





