
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। कई लोगों का कहना है कि यह मैच पहलगाम आतंकी हमले के शहीदों और भारतीय सैनिकों का अपमान है। सोशल मीडिया पर #BoycottIndvsPak जैसे हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहे हैं और लोग मैच का बहिष्कार करने की अपील कर रहे हैं। पूर्व क्रिकेटरों, पत्रकारों और कई जाने-माने चेहरों ने भी फैंस से कहा है कि वे इस मैच को नजरअंदाज करें।
भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा हाई-प्रोफाइल माना जाता है, लेकिन इस बार टिकटों की बिक्री उम्मीद से काफी कम है। बिक्री शुरू हुए दस दिन से ज्यादा हो चुके हैं, फिर भी स्टेडियम की लगभग आधी सीटें खाली हैं। टिकट की शुरुआती कीमत 99 डॉलर रखी गई है जबकि प्रीमियम पैकेज 4 लाख रुपए से भी ज्यादा के हैं। माना जा रहा है कि विवाद और बहिष्कार की अपीलों की वजह से दर्शक पीछे हट रहे हैं।
एक यूज़र ने लिखा— “एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होना चाहिए। कुछ दिन पहले ही निर्दोष भारतीय मारे गए… क्या क्रिकेट और पैसा इतना अहम है कि पाकिस्तान की कायराना हरकत इतनी जल्दी भुला दी गई?” दूसरे यूज़र ने कहा— “पहलगाम हमले में शहीद हुए लोगों की याद में और अपने भारतीय भाइयों-बहनों के साथ खड़े होकर मैं भारत-पाक मैच के बहिष्कार का समर्थन करता हूँ।”
पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए एक जवान की पत्नी, ऐशान्या द्विवेदी ने भी इस मैच का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने बीसीसीआई पर आरोप लगाया कि बोर्ड ने 26 शहीद परिवारों की भावनाओं को नजरअंदाज किया है। एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा— “बीसीसीआई को पाकिस्तान के साथ मैच खेलने के लिए तैयार नहीं होना चाहिए था। हमारे खिलाड़ी खुद को राष्ट्रवादी कहते हैं, लेकिन 1-2 को छोड़कर किसी ने आगे आकर यह नहीं कहा कि हमें पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बहिष्कार करना चाहिए।”
उन्होंने स्पॉन्सर्स और ब्रॉडकास्टर्स पर भी सवाल उठाए और कहा— “इस मैच से जो राजस्व मिलेगा, पाकिस्तान उसका इस्तेमाल आतंकवाद के लिए करेगा। यह समझ से परे है।” द्विवेदी ने खिलाड़ियों और अधिकारियों से अपील की कि वे शहीद परिवारों के समर्थन में खड़े हों और मैच का विरोध करें।





