कश्मीर से कन्याकुमारी तक बारिश-बाढ़ का कहर, कई राज्यों में अलर्ट

देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश और बाढ़ से हालात बेहद खराब हैं। पंजाब में अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है और 23 जिलों के करीब 1900 से ज्यादा गांव पानी में डूबे हैं। इस आपदा से लगभग 3.84 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि छह लोग लापता हैं। इनर अखाड़ा बाजार में दो मकान मलबे में दब गए, जिनमें से एक शव बरामद हुआ है और तीन लोगों को बचाया गया। किश्तवाड़ जिले में रटले जल विद्युत परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन में पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें समय रहते बचा लिया गया।
पंजाब और हरियाणा में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बारिश और जलभराव से हरियाणा में पांच लोगों की मौत हो गई। यमुना, घग्गर और टांगरी नदियां खतरे के निशान पर हैं। श्रीनगर के बडगाम जिले में शालिना बांध में दरार पड़ने के बाद प्रशासन ने सात गांवों को खाली कराने के आदेश दिए हैं। मौसम विभाग ने गुजरात के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 5 से 7 सितंबर के बीच सौराष्ट्र और कच्छ में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान के कई जिलों में भी अगले चार दिन तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। दौसा के सिकराय में 24 घंटों में 104 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
ओडिशा के कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बालासोर और कटक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। वहीं, मुंबई में बादल छाए हुए हैं और आईएमडी ने मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। पंजाब-जम्मू सीमा पर बाढ़ से 110 किलोमीटर लंबी बाड़ क्षतिग्रस्त हो गई है और BSF की लगभग 90 चौकियां जलमग्न हो गई हैं। मणिमहेश यात्रा के दौरान फंसे करीब 450 श्रद्धालुओं को निकाला गया है, जबकि अब भी 500 लोग फंसे होने की संभावना है। प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का अनुमान 5700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। राज्य सरकार ने केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग की है।





