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GST का नया नियम, जानें आपकी जेब पर कितना असर पड़ेगा

56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में केंद्र सरकार के कर सुधार प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि अब जीएसटी ढांचे में तीन स्लैब होंगे – 5%, 18% और एक विशेष स्लैब। पहले का एक स्लैब खत्म कर दिया गया है। हालांकि, राज्यों की मांग के बावजूद केंद्र ने क्षतिपूर्ति उपकर बढ़ाने पर सहमति नहीं दी। बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह सुधार आम जनता, किसानों और बीमा क्षेत्र के लिए राहत लेकर आएंगे। उन्होंने बताया कि सभी वित्त मंत्रियों ने बैठक में हिस्सा लिया और सर्वसम्मति से फैसला लिया।

निर्मला सीतारमण ने बताया कि 12% और 18% की दरों में आने वाली कई वस्तुओं को 5% पर ला दिया गया है। इनमें हेयर ऑयल, साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, टेबलवेयर, किचनवेयर, नूडल्स, पास्ता, खाद्य पदार्थ, रोटियां, साइकिलें, दवाइयां, मेडिकल उपकरण और कृषि उपकरण शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि 5% जीएसटी वाली कुछ वस्तुओं को अब पूरी तरह जीएसटी मुक्त किया गया है। इनमें अल्ट्रा हाई टेम्परेचर दूध, पनीर और सभी भारतीय ब्रेड (जैसे रोटी, पराठा) शामिल हैं। नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, प्रिजर्व्ड मीट, बटर और घी जैसी वस्तुएं अब 5% जीएसटी पर आ गई हैं।

वित्त मंत्री ने बताया कि कुछ वस्तुएं, जो मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं से जुड़ी हैं, अब 18% स्लैब में होंगी। इनमें एयर कंडीशनर, सभी टीवी, डिशवॉशर, छोटी कारें और 300 सीसी तक की मोटरसाइकिल शामिल हैं। सीमेंट, छोटे वाहन, मोटरसाइकिलें, बसें, ट्रक, एंबुलेंस, सभी ऑटो पार्ट्स और तीन पहिया वाहन अब 18% कर पर आएंगे।

बैठक में यह भी फैसला हुआ कि सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियों – चाहे वह टर्म प्लान हो, यूएलआईपी हो या एंडोमेंट प्लान – पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। पान मसाला, तंबाकू उत्पाद, सिगरेट और शक्कर युक्त पेय पर 40% का विशेष जीएसटी लगाया जाएगा। यह नया जीएसटी ढांचा 22 सितंबर 2025 से लागू होगा। हालांकि, तंबाकू उत्पादों पर नई दर कुछ शर्तों के आधार पर लागू होगी। जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 4 सितंबर को होगी।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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