इंडिगो पर DGCA का शिकंजा: 1,700 पायलटों की ट्रेनिंग पर उठे बड़े सवाल

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर शिकंजा कसते हुए एक बड़ा आरोप लगाया है। DGCA का कहना है कि इंडिगो ने करीब 1,700 पायलटों की ट्रेनिंग के दौरान गंभीर गड़बड़ियां कीं। इस मामले में DGCA ने एयरलाइन को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
DGCA की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कोझिकोड, लेह और काठमांडू जैसे चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील हवाई अड्डों पर उड़ान भरने के लिए पायलटों को जिस तरह की विशेष सिम्युलेटर ट्रेनिंग देनी चाहिए थी, उसमें नियमों का पालन नहीं हुआ। एयरलाइन ने ऐसे सिम्युलेटर का इस्तेमाल किया जो इन खास एयरपोर्ट मॉडल्स के लिए न तो योग्य थे और न ही DGCA से स्वीकृत। यह नियमों का सीधा उल्लंघन है, क्योंकि इन एयरपोर्ट्स पर सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ के लिए पायलटों को मान्यता प्राप्त सिम्युलेटर पर ट्रेनिंग देना अनिवार्य है।
जांच में 20 सिम्युलेटर में खामियां पाई गईं — जिनमें दिल्ली, चेन्नई और हैदराबाद में दो-दो, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में पांच-पांच, जबकि बेंगलुरु में चार सिम्युलेटर शामिल हैं। इनमें से कोई भी सिम्युलेटर तीनों एयरपोर्ट्स के ट्रेनिंग मानकों पर खरा नहीं उतरा। इंडिगो ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें DGCA से शो-कॉज नोटिस मिला है। हम इसका बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं और तय समय सीमा के भीतर अपना जवाब देंगे। हम उच्चतम सुरक्षा मानकों और नियामक अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
अगर DGCA को इंडिगो का जवाब संतोषजनक नहीं लगा तो एयरलाइन पर जुर्माना या अन्य सख्त कार्रवाई हो सकती है। यह मामला पायलट ट्रेनिंग के नियमों को लेकर एयरलाइन इंडस्ट्री में बड़ी हलचल पैदा कर रहा है।





