मनोरंजन

दो जॉली, एक जज और अनगिनत हंसी के पल — जॉली एलएलबी 3 का टीजर हुआ रिलीज!

फिल्म जॉली एलएलबी 3 का टीजर मंगलवार को रिलीज़ कर दिया गया है। यह फिल्म जॉली एलएलबी सीरीज की तीसरी कड़ी है, जिसमें पहले दो फिल्मों के दो जॉली एक साथ कोर्टरूम में आमने-सामने आते नजर आएंगे। इस मौके पर सौरभ शुक्ला फिर से जज त्रिपाठी के रोल में दिखेंगे, जिन्हें दोनों जॉली से काफी परेशानी होती है। 1 मिनट 30 सेकंड के इस टीजर में अरशद वारसी मेहताबपुर के वकील जगदीश त्यागी यानी जॉली का किरदार निभा रहे हैं। वहीं, अक्षय कुमार कानपुर के जगदीश्वर मिश्रा यानी दूसरे जॉली के रोल में हैं। मेहताबपुर के जॉली सबको बताते हैं कि उन्होंने अपनी जिंदगी बदल ली है, लेकिन कानपुर के जॉली कोर्ट में उनके सामने आकर उनकी बातों को झूठा साबित कर देते हैं।

सौरभ शुक्ला का जज का रोल टीजर में सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, जो कहता है कि ये दोनों जॉली उनकी जिंदगी बर्बाद करने के लिए ही बने हैं। टीजर में ‘कल्लू मामा’ का मजाक भी शामिल है, जो सौरभ के किरदार से जुड़ा है। फैंस को दोनों जॉली को आमने-सामने देखकर बहुत मज़ा आया। एक यूजर ने यूट्यूब पर लिखा, “यह फिल्म हरै फेरे, खट्टा मीठा और दे दना दा जैसी एपिक होगी।” वहीं, एक अन्य ने कहा, “अक्षय + अरशद + सौरभ = पूरी मस्ती।” कुछ ने मजाक में कहा, “यह फिल्म देखकर ही मैंने एलएलबी करना शुरू किया।” कई फैंस ने इसे इस साल की सबसे बड़ी कॉमेडी फिल्म बताया। भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पर टीजर को देखकर लिखा, “बहुत ज़बरदस्त!!!” जबकि चित्रांगदा सिंह ने ताली बजाने वाले इमोजी शेयर किए।

यह फिल्म जॉली एलएलबी (2013) और जॉली एलएलबी 2 (2017) का अगला भाग है। पहली फिल्म में अरशद वारसी मुख्य भूमिका में थे, जबकि दूसरी फिल्म में अक्षय कुमार थे। इस फिल्म का निर्माण अरुणा भाटिया, डिंपल खरबंदा और नरेन कुमार ने किया है। जॉली एलएलबी 3 19 सितंबर को रिलीज़ होगी। सौरभ शुक्ला इस बार भी जज सुंदरलाल त्रिपाठी के रूप में नजर आएंगे, जो दोनों पिछली फिल्मों में भी थे।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button